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रोटरी बक्सर व सामाजिक संगठनों ने मिलकर मनाया ईद मिलन समारोह, गंगा-जमुनी तहजीब की झलक

ईद के मौके पर अमन, भाईचारा और एकता का संदेश—शहर में दिखी आपसी सौहार्द की मिसाल

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
जिले में ईद का पर्व इस बार खास उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। रोटरी बक्सर, साबित खिदमत फाउंडेशन एवं मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों की भागीदारी ने गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश की।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोटरी अध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि इस्लाम में 30 दिनों के रोजे के बाद ईद मनाई जाती है, जो त्याग, तपस्या और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह पर्व जंगे बदर की जीत की याद में भी मनाया जाता है और रोजेदारों के लिए बेहद खास दिन होता है। वहीं, डॉ. अरुण कुमार ने ईद के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर वर्ष वे अपने मुस्लिम भाइयों के यहां जाकर सेवइयों का स्वाद लेते हैं, जो न केवल मिठास का प्रतीक है बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारे को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और सौहार्द की भावना और प्रबल होती है। इस अवसर पर डॉ. शैलेश राय, रोटरी प्रेसिडेंट एलेक्ट निर्मल जी, दीपक अग्रवाल, डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. गांगेय राय, डॉ. वी.के. सिंह, सौरभ तिवारी, डॉ. महेंद्र प्रसाद, पूर्व पीडीजी डॉ. सी.एम. सिंह एवं प्रसिद्ध शायर साबित रोहतास्वी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और समाज में प्रेम, शांति एवं भाईचारे का संदेश फैलाया। ईद का पर्व 30 रमजान के बाद मनाया जाता है, जिसे मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। इस मौके पर बक्सर सहित पूरे देश में लाखों लोगों ने मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की। बक्सर जिले की मस्जिदों में भी भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। समारोह ने यह संदेश दिया कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है, और ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं।

 

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