डुमरांव में रिहायशी इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट, मचा हड़कंप
घर के अंदर चल रहा था बारूद का खेल, धमाके में युवक बुरी तरह झुलसा — चार दशक से जारी था अवैध धंधा!


न्यूज़ विज़न। बक्सर
डुमरांव शहर के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में बुधवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 24 स्थित झगरू लोहार की गली में एक अवैध पटाखा निर्माण स्थल में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग सहम गए और इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया।
इस हादसे में 40 वर्षीय मुख्तार रंगरेजा, पिता सुल्तान रंगरेजा, बुरी तरह झुलस गया। आनन-फानन में परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उसे डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए पटना ले गए हैं, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
चार दशक से घर में बन रहे थे पटाखे!
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्तार रंगरेजा पिछले 40 वर्षों से अधिक समय से अपने घर में ही पटाखा निर्माण का अवैध धंधा करता आ रहा था। तरह-तरह के पटाखे बनाकर उनकी बिक्री भी की जाती थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने वर्षों तक इस खतरनाक कारोबार की भनक पुलिस और प्रशासन को नहीं लग पाई।
रिहायशी इलाके में बारूद का भंडार
जिस स्थान पर यह विस्फोट हुआ, वह पुरानी बस्ती और अत्यंत सघन आबादी वाला क्षेत्र है। यहां सैकड़ों परिवार रहते हैं। ऐसे इलाके में अवैध रूप से पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री का भंडारण होना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि बड़े हादसे की आशंका को भी उजागर करता है। यदि विस्फोट और ज्यादा भीषण होता, तो कई जानें जा सकती थीं।
पुलिस-प्रशासन हरकत में, एफएसएल टीम बुलाई गई
घटना की सूचना मिलते ही डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि विस्फोट की गहन जांच और इस्तेमाल किए गए विस्फोटक पदार्थों की पहचान के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। जांच के बाद पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। हालांकि, घटना के बाद जख्मी को लेकर परिजन इलाज के लिए बाहर चले गए, जिस कारण परिजनों का बयान नहीं लिया जा सका। वहीं, आसपास के लोगों का स्पष्ट कहना है कि पटाखा निर्माण के दौरान ही अचानक विस्फोट हुआ।
बड़ा सवाल: प्रशासन की नजर से कैसे बचा अवैध कारखाना?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि घनी आबादी के बीच वर्षों से चल रहा अवैध पटाखा कारखाना प्रशासन की नजर से कैसे बचा रहा? क्या इस पूरे मामले में लापरवाही या मिलीभगत थी? पुलिस की जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





