नए साल की शुरुआत रेड क्रॉस सोसाइटी की सेवा से : जरूरतमंदों में बांटे कंबल, मानवता की मिसाल


न्यूज़ विज़न। बक्सर
नए वर्ष के प्रथम दिवस पर मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए रेड क्रॉस सोसाइटी, बक्सर द्वारा जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड को देखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बेसहारा, गरीब एवं झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को ठंड से राहत प्रदान करना रहा।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी सदैव मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाती रही है। प्राकृतिक आपदा हो या सामाजिक आवश्यकता, रेड क्रॉस की सक्रियता समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सोसाइटी के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी बक्सर के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, उप चेयरमैन सौरव तिवारी, सचिव डॉ. श्रवण तिवारी, कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, ब्लड बैंक प्रभारी सचिन कुमार, स्कूटी कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सत्येंद्र सिंह, तथा कार्यालय सहायक अवधेश की सक्रिय सहभागिता रही। सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने स्वयं उपस्थित होकर जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया। कंबल वितरण का यह कार्यक्रम नाथ बाबा क्षेत्र एवं बक्सर में नहर किनारे स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के बीच किया गया, जहां ठंड का सबसे अधिक असर देखने को मिलता है। लाभार्थियों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि ठंड के इस मौसम में कंबल उनके लिए बड़ी राहत है।
सोसाइटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह सेवा कार्य पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा है और ठंड के प्रभाव को देखते हुए आगे भी कंबल वितरण का कार्य जारी रहेगा। रेड क्रॉस का उद्देश्य है कि कोई भी जरूरतमंद ठंड से पीड़ित न रहे। इसके साथ ही रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा मोतियाबिंद से ग्रसित लोगों के लिए कृतपुरा में आयोजित किए जा रहे निःशुल्क आंख ऑपरेशन को सफल बनाने के उद्देश्य से जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। सोसाइटी ने आम लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के मोतियाबिंद से पीड़ित व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें कृतपुरा भेजने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें। रेड क्रॉस सोसाइटी बक्सर का यह प्रयास न सिर्फ जरूरतमंदों के जीवन में राहत ला रहा है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी मजबूत कर रहा है।





