पंडित दीनबंधु उपाध्याय की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
सदर प्रखंड के परसियाँ गांव स्थित मनोकामना महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित हुआ विभिन्न कार्यक्रम


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सदर प्रखंड के परसियाँ स्थित मनोकामना महादेव मंदिर प्रांगण में दीनबंधु कल्याण समिति के द्वारा स्मृतिशेष पंडित शिक्षक दीनबंधु उपाध्याय की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर अमर स्मृतियाँ: पिताजी को नमन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा नेत्री वर्षा पांडेय ने स्मृतिशेष दीनबंधु जी के तैलय चित्र के सामने दीप प्रज्वलन के साथ किया।
पंडित आचार्य धर्मेंद्र पति तिवारी और गोवर्धनाचार्य के द्वारा स्वस्तिवाचन से प्रांगण मंत्रमय हो गया। शिक्षक उपाध्याय के पुत्र संजय उपाध्याय उर्फ मिट्ठु जी ने कार्यक्रम के बारे में बताया कि आज का कार्यक्रम पिताजी की स्मृति में उनके द्वारा किये गए शिक्षा के क्षेत्र में कार्यो को जीवंत करने का प्रयास किया गया। उक्त अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर ए. के. सिंह ने उपाध्याय जी के स्मृति में आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए उनके स्मृतियों को याद किया। मुख्य अतिथि वर्षा पांडेय ने उपाध्याय जी के स्मृति को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जिला मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूर स्थित परसियाँ में सड़क ना होना यह दुर्भाग्यपूर्ण है वह आगे इस आवाज को बुलंद कर परसियाँ गॉव में सड़क निर्माण के कार्य को पुरा कराने के लिए सरकार और प्रशासन पर दबाव बनायेगी। उक्त कार्यक्रम में गरीबो के बीच कम्बल वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में ट्रिनिटी कान्वेंट स्कूल के उप-प्रबन्धक धर्मेंद्र पांडेय ने बच्चों को शिक्षित करने की बात करते हुए दीनबंधु जी के स्मृतियों को पुनर्जीवित किया। कार्यक्रम में भोजपुरी के गायक अशोक मिश्रा ने निर्गुण प्रस्तुत कर सबका मन मोहा। अशोक मिश्रा के द्वारा गाया गया गीत जोनिहया से दूर बा पर दर्शकों का ताली बंटोरा। शिक्षा के क्षेत्र में परसियाँ प्राथमिक विद्यालय के बच्चो के बीच चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चो को मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन पंडित जी के बड़े भाई रामुदार उपाध्यय ने किया। कार्यक्रम का संचालन धीरज पांडेय ने किया। उक्त अवसर पर अशोक उपाध्याय, वेद, रविन्द्र, शारदानंद, समेत सैकड़ो ग्रामीण मौजूद थे।





