राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर फाउंडेशन स्कूल में भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
कक्षा 1 से 11 तक के विद्यार्थियों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा,प्रदर्शनी में कक्षा 1 से 9 एवं 11 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया


न्यूज़ विज़न। बक्सर
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 28 फ़रवरी को फाउंडेशन स्कूल, बक्सर द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष विद्यालय में CBSE बोर्ड परीक्षा केंद्र होने के कारण प्रदर्शनी का आयोजन G.D. Mishra Institute of Higher Studies परिसर में किया गया। इस विज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा 1 से 9 एवं 11 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्राथमिक वर्ग (कक्षा 1 से 5) के विद्यार्थियों ने अत्यंत लगन एवं आत्मविश्वास के साथ अपने मॉडल प्रस्तुत किए। अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता इस आयोजन की विशेषता रही। वे अपने बच्चों के प्रदर्शन को देखने और उन्हें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त करते हुए देखकर अत्यंत प्रसन्न एवं गौरवान्वित दिखाई दिए। अभिभावकों ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना की। इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 6 से 9 एवं 11) के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट एवं नवाचार से परिपूर्ण मॉडल प्रस्तुत किए। उनके प्रोजेक्ट वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और व्यावहारिक समझ का उत्कृष्ट उदाहरण थे।
कक्षा 11 के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग को दर्शाते हुए, एक अनुप्रयोग विकसित किया तथा मॉइस्चराइज़र एवं परफ्यूम जैसे सौंदर्य प्रसाधनों का निर्माण भी किया। इसके अतिरिक्त छात्रों ने स्मार्ट सिटी, स्मार्ट डैम प्रणाली, स्मार्ट सिटी सड़क सुरक्षा, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली आदि जैसे अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। इन परियोजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण, यातायात सुरक्षा, सतत विकास एवं तकनीकी उन्नति जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित विशेष परियोजनाएँ भी प्रस्तुत की गईं। छात्रों ने खाने योग्य चम्मच एवं बर्तनों (एडिबल कट्लरी) का निर्माण कर प्लास्टिक प्रदूषण के समाधान की दिशा में एक सराहनीय प्रयास किया।
जैविकी विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में Blood Group, Hemoglobin तथा Blood Pressure की जांच की। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि अभिभावकों एवं आगंतुकों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। प्रदर्शनी में प्रस्तुत सभी मॉडलों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा अंकों के आधार पर किया गया। प्राप्त अंक वार्षिक परीक्षा में जोड़े जाएंगे। विद्यालय द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं तथा उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर विज्ञान शिक्षक शिवम राधा कृष्ण, अमित गुप्ता, आदित्य वर्धन, वीरेंद्र प्रधान, चंदन मिश्रा, राजेश पंडित, चंदन पांडेय, कनीर सर तथा मिस पलक ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा मॉडलों का मूल्यांकन किया।
विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा उन्हें समाज के उत्थान हेतु विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर नवाचार करते रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए—
* शिवम राधा कृष्ण ने कहा कि विज्ञान केवल विषय नहीं, बल्कि जीवन को समझने और समाज को बेहतर बनाने का माध्यम है।
* अमित सर ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तर्कशीलता और नवाचार की भावना विकसित होती है।
* वीरेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रयोगात्मक शिक्षा से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।
* आदित्य वर्धन ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों को अपने विचारों को मंच देने तथा देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य मनोज त्रिगुण, जो कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे, ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की वैज्ञानिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं अनुसंधान की भावना को विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता रहेगा तथा ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। यह विज्ञान प्रदर्शनी न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने का माध्यम बनी, बल्कि अभिभावकों एवं समाज के समक्ष विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी प्रदर्शित करने में सफल रही।





