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मशरूम उत्पादन आय अर्जित करने का है बेहतर विकल्प

कृषि विज्ञान केन्द्र में दिवसीय मशरूम उत्पादन: आय अर्जन का स्रोत विषय पर युवाओं को दी गई ट्रेनिंग

न्यूज विजन। बक्सर
कृषि विज्ञानं केंद्र लालगंज बक्सर में आज ग्रामीण युवकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन: आय अर्जन का स्रोत विषय पर चौथा दिन का कौशल विकास प्रशिक्षण सकुशल संपन्न हो गया। मुख्य प्रशिक्षक सह पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ रामकेवल ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बक्सर जिले के ग्रामीण बेरोजगार युवको के लिए कृषि विज्ञानं केंद्र बक्सर में कराया जा रहा है। प्रशिक्षनार्थियों को मशरूम द्वारा कम समय में आय अर्जन के तरीके विस्तारपूर्वक बताया गया। बक्सर जिले में मशरूम उगाने के अपार संभावनाए हैं, क्योंकि मशरूम उगाने के लिए आवश्यक समस्त सामग्री यहां आसानी से एवं किफायती दर पर उपलब्ध है। मशरूम का उन्नत बीज (स्पान ) कृषि विज्ञान केंद्र बक्सर के तकनीकी सहयोग बक्सर में ही बने प्रयोगशालाओं में तैयार किया जा रहा है।

 

केविके के विशेषज्ञ डॉ राम केवल ने बताया कि मशरूम उगाने के लिए गेहूं का भूसा एवं धान की पुआल पर्याप्त, सस्ता एवं आसानी से उपलब्ध है। क्योंकि, बक्सर धान गेहूं फसल प्रणाली का अग्रणी जिला है। आजकल शादी-विवाह, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि में मशरूम एक व्यंजन के रूप में अपनी पहचान बना चूका है। अतः इसके उगाने, बेचने एवं विपणन की अपार संभावनाएं हैं । यह एक ऐसा व्यसाय है जिसमें खेत, खाद, पानी, सिचाई, जुताई, निकाई-गुड़ाई, रोपाई आदि की आवश्यकता नहीं होती है।

 

मशरूम लगाने के 20-25 दिन बाद आय प्राप्त होने लगाती है। कृषि में ऐसा कोई व्यवसाय नहीं है जो 20-25 दिन में आय देने लगे। प्रतिभागियों को बटन मशरूम, ओयस्टर मशरूम, दुधिया मशरूम, पुआल मशरूम, आदि के सैधांतिक एवं व्यावहारिक जानकारियों को विस्तार पूर्वक पवार पॉइंट प्रजेंटेसन के माध्यम से बताया एवं दिखाया गया तथा प्रक्टिकल भी कराया गया। डॉ रामकेवल ने बताया कि मशरूम एक प्रकार का कवक हैं, जिसे हिन्दी में खुम्बी या छत्रक भी कहते हैं। यह प्रोटीन, विटामिन, फाइबर और खनिजों का एक पौष्टिक स्रोत है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और कई बीमारियों से बचाता है। कृषि विज्ञानं केंद्र के प्रमुख डॉ देवकरन ने सभी प्रशिक्षनार्थियो मशरूम के मूल्यवर्धन के माध्यम से विभिन्न उतपाद तैयार कर मार्केटिंग के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए 25 ग्रामीण युवा:
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम नगपुरा से अविनाश कुमार यादव, बरहना से अखिलेश ठाकुर, प्रतीक कुमार, केशोपुर से संदीप कुमार, महदह से जीतेन्द्र कुमार, हरिश्चंद्र सिंह, सुरौन्धा से दिलीप कुमार, हेठुआ से बिन्दुसार मौर्या, जमौली से बिरेन्द्र चौहान, हकीमपुर से गणेश कुमार केशरी समेत 25 युवाओं ने हिस्सा लिया।

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