चक्की के चुन्नी डेरा में सुनीता हत्याकांड में ऐपवा की जांच टीम पहुंची, जिला जज की निगरानी में जांच की मांग
16 फरवरी से लापता युवती का शव 21 फरवरी को बोरे में मिला, अंधविश्वास और शोषण के एंगल पर भी उठे सवाल


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के चक्की प्रखंड अंतर्गत चुन्नी डेरा गांव में 16 फरवरी को लापता हुई सुनीता कुमारी का शव 21 फरवरी को प्राथमिक विद्यालय चुन्नीडेरा के पास बोरे में बरामद होने के बाद इलाके में आक्रोश व्याप्त है। शव से तेज बदबू आने के बाद ग्रामीणों की सूचना पर मामले का खुलासा हुआ। हत्या की आशंका के बीच बुधवार को ऐपवा (ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वीमेंस एसोसिएशन) की जांच टीम गांव पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
जांच टीम में ऐपवा की जिला अध्यक्ष रेखा देवी और जिला सचिव संध्या पाल शामिल थीं। रेखा देवी ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा के लिए संगठन हर स्तर पर आवाज उठाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार से न्याय की मांग की जाएगी और मामले को दबने नहीं दिया जाएगा। संध्या पाल ने घटना को अंधविश्वास से जुड़े संभावित अपराध से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ते अंधविश्वास के कारण कई बार निर्दोष लोग शिकार बन जाते हैं, जबकि असली आरोपी बच निकलते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में वास्तविक दोषियों को सजा दिलाने और पाखंडियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
परिजनों ने बताया कि सुनीता अपने परिवार में मां और बेटी के सहारे जीवन बिता रही थी। उनकी सामाजिक और आर्थिक कमजोरी का गलत फायदा उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीपीआई(एमएल) किसान सभा के नेता रामदेव सिंह, मड़िया के मुखिया वीर बहादुर पासवान, सीपीआई(एमएल) के सह सचिव कन्हैया पासवान और इंसाफ मंच के अध्यक्ष सहित अन्य प्रतिनिधियों की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। सभी नेताओं ने एक स्वर में इस हत्याकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि मामले की जांच जिला जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों को कठोर दंड दिया जा सके। गांव में अब भी दहशत और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और अपराधियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।





