मिडिल ईस्ट युद्ध में फंसा बक्सर का लाल : ईरान के समुद्र में अटका जहाज, परिवार की आंखों में इंतजार और चिंता
मर्चेंट नेवी में कार्यरत शनि कुमार एक माह से अधिक समय से समुद्र में फंसे, खाने-पीने की किल्लत की सूचना; परिजनों ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार


न्यूज़ विज़न। बक्सर
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच बिहार के बक्सर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जिसने पूरे परिवार को गहरे संकट और चिंता में डाल दिया है। नगर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 23 स्थित सोहनी पट्टी कुम्हार टोली निवासी 29 वर्षीय शनि कुमार पिछले कई हफ्तों से ईरान के समुद्री क्षेत्र में अपने जहाज पर फंसे हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनि कुमार मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और 03 जून 2025 को मुंबई एयरपोर्ट से दुबई के लिए रवाना हुए थे, जहां से उन्होंने अपनी ड्यूटी ज्वाइन की। दुबई से उन्हें चार पहिया वाहनों को समुद्री मार्ग से ईरान पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी दौरान मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके चलते उनका जहाज पिछले एक माह से अधिक समय से समुद्र में ही रुका हुआ है। परिजनों के अनुसार, जहाज पर मौजूद कर्मचारियों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शनि कुमार के पिता 66 वर्षीय शिवजी प्रसाद ने बताया कि बेटे से नियमित संपर्क नहीं हो पा रहा है। तीन दिन पूर्व बहू विनीता देवी से शनि की बातचीत हुई थी, जिसमें उसने जहाज पर खाने-पीने की कमी की गंभीर समस्या बताई थी।
शिवजी प्रसाद ने भावुक अपील करते हुए भारत सरकार से अपने बेटे की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि शनि की माता आरती देवी का वर्ष 2024 में निधन हो चुका है। वर्ष 2023 में शनि की शादी विनीता देवी से हुई थी और उनका एक दो वर्षीय पुत्र सात्विक भी है, जो अपने पिता के इंतजार में है। वर्तमान में शनि कुमार की पत्नी और पुत्र प्रयागराज हवाई अड्डे के समीप झपिया, लाल बिहरा में रह रहे हैं, जबकि अन्य परिजन बक्सर स्थित पैतृक गांव में निवास कर रहे हैं। परिवार में उनकी बड़ी बहन पूनम कुमारी और छोटी बहन ज्योति कुमारी भी हैं, जो अपने भाई की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रही हैं।
शनि कुमार के चाचा शशि कुमार, जो पूर्व सैनिक हैं, उन्होंने भी केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार मानसिक तनाव में है और सरकार को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। शनि कुमार की प्रारंभिक शिक्षा बक्सर में हुई, जबकि मैट्रिक, इंटरमीडिएट और स्नातक की पढ़ाई उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु से मर्चेंट नेवी का प्रशिक्षण लेकर विदेशी जहाजों पर कार्य करना शुरू किया। बताया जा रहा है कि युद्ध के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने से शनि कुमार समेत कई अन्य भारतीय नाविक भी समुद्र में फंसे हुए हैं। परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।





