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मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या को लेकर एसडीएम ने की बैठक, यातायात व सुरक्षा के लिए बनी विशेष रणनीति

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बृहस्पतिवार को अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार के कार्यालय कक्ष में आगामी पर्व-त्योहार मकर संक्रांति एवं मौनी अमावस्या को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर गौरव कुमार पांडेय, अंचल अधिकारी बक्सर, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद बक्सर मनीष कुमार, अनुमंडल अंतर्गत सभी थानाध्यक्षों के साथ-साथ शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

 

बैठक के दौरान शांति समिति के सदस्यों ने पर्व-त्योहार के अवसर पर यातायात प्रबंधन को लेकर अपने विचार साझा किए। सदस्यों ने विशेष रूप से बक्सर शहर में ई-रिक्शा के अनियंत्रित परिचालन पर चिंता जताते हुए इसे रेगुलेट करने की आवश्यकता बताई। इस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि जिला परिवहन पदाधिकारी बक्सर को पत्र भेजकर ई-रिक्शा निबंधन से संबंधित अद्यतन जानकारी शांति समिति के सदस्यों के साथ साझा करने का निर्देश दिया जाएगा। साथ ही अब तक किए गए ई-रिक्शा निबंधन की रिपोर्ट भी मांगी जाएगी। मकर संक्रांति के अवसर पर यातायात व्यवस्था में बदलाव करते हुए ज्योति चौक से किला मैदान बक्सर एवं किला मैदान से आईटीआई मोड़ तक के मार्ग को नो एंट्री जोन घोषित किया गया। शांति समिति के सदस्यों ने त्योहारों के दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी अनुरोध किया, जिस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन दिया।

 

कड़ाके की ठंड को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि मकर संक्रांति एवं मौनी अमावस्या के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाएगी ताकि आमजन को ठंड से राहत मिल सके। वहीं गंगा घाटों पर स्नान के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए नगर परिषद बक्सर को गंगा घाटों पर सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही शांति समिति के अनुरोध पर पर्व-त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चलंत शौचालय स्थापित करने का भी आदेश दिया गया।

अंत में नगर परिषद बक्सर को यह निर्देश दिया गया कि आगामी पर्व-त्योहारों से पूर्व रामरेखा घाट पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर रूटिंग बनाते हुए हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में प्रशासन एवं शांति समिति के बीच बेहतर समन्वय के साथ पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित तरीके से मनाने का संकल्प दोहराया गया।

 

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