महाकालेश्वर मंदिर, रघुनाथपुर में महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक सम्पन्न
शिव बारात शोभायात्रा व गंगा महाआरती होंगे मुख्य आकर्षण, राष्ट्रीय संत स्वामी सिद्धार्थ परमहंस जी महाराज का भी होगा आगमन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत तुलसी आश्रम, रघुनाथपुर स्थित प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में आगामी महाशिवरात्रि महोत्सव के भव्य, दिव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर तुलसी विचार मंच के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संतोष सिंह ने की। बैठक में आयोजन समिति के सदस्य शैलेश ओझा, राजू मिश्रा, संतोष साह, मुन्ना मिश्रा, गोपाल सिंह, शंभू चंद्रवंशी एवं भूपेंद्र सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महोत्सव की संपूर्ण रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया। सभी उपस्थित सदस्यों ने आपसी समन्वय एवं जनसहयोग से आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश ओझा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 13 फरवरी से 15 फरवरी तक तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
महाशिवरात्रि के पावन दिन प्रातः 9 बजे से अखंड हरिकीर्तन प्रारंभ होगा। काशी एवं अयोध्या से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा दोपहर 1 बजे से सामूहिक रुद्राभिषेक किया जाएगा, जिसके पश्चात शिव विवाह की पावन रस्म संपन्न होगी। सायं 4 बजे से भव्य शिव बारात एवं शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जो रघुनाथपुर के विभिन्न मार्गों एवं बाजारों से होती हुई दुर्गा माता मंदिर पहुंचेगी। वहाँ महिलाओं द्वारा मंगल गीतों के साथ शिव बारात का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा तथा द्वारपूजा की रस्म पूरी की जाएगी। रात्रि 7:30 बजे तुलसी आश्रम स्थित शिवगंगा सरोवर पर दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर गंगा महाआरती तथा रात्रि 8 बजे महाकाल की भस्म आरती संपन्न होगी। रात्रि जागरण कार्यक्रम के अंतर्गत भजन सम्राट उत्तम सिंह एवं प्रियंका पायल द्वारा हरिनाम कीर्तन से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठेगा।
इस महोत्सव में राष्ट्रीय संत स्वामी सिद्धार्थ परमहंस जी महाराज का पावन सानिध्य भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। आयोजन समिति ने शिव भक्ति के इस महापर्व को जन सहयोग से ऐतिहासिक बनाने हेतु समस्त क्षेत्रवासियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता की अपील की है।





