स्वर्गीय पं. अनिल कुमार त्रिवेदी की प्रथम पुण्यतिथि पर अधिवक्ताओं ने किया नमन
जिला अधिवक्ता संघ बक्सर में श्रद्धांजलि सभा, बार भवन में भावुक हुआ माहौल


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिला अधिवक्ता संघ बक्सर द्वारा शनिवार, 7 फरवरी को बार भवन स्थित पुस्तकालय कक्ष में स्वर्गीय पंडित अनिल कुमार त्रिवेदी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा ने की। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय पं. अनिल कुमार त्रिवेदी को एक कर्मठ, मृदुभाषी और न्यायप्रिय अधिवक्ता बताते हुए कहा कि उनका योगदान जिला अधिवक्ता संघ के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। कार्यक्रम में स्वर्गीय अनिल कुमार त्रिवेदी के सुपुत्र युवराज त्रिवेदी एवं एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव ईशान त्रिवेदी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने किया। सभा के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने स्वर्गीय अनिल कुमार त्रिवेदी के साथ जुड़े अपने अनुभव साझा किए और उनके सरल स्वभाव, सामाजिक सरोकारों व अधिवक्ता समाज के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी पांडे, जनार्दन राय, शशिकांत उपाध्याय, रामनाथ ठाकुर, रमाकांत तिवारी, गणेश ठाकुर, ब्रजेश त्रिपाठी, अजय पांडेय, जितेंद्र कुमार, श्रीमन ओझा एवं मनीष पाठक सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर स्वर्गीय अनिल कुमार त्रिवेदी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
रेलवे स्टेशन पर 300 लोगों के लिए कराया गया भोजन प्रसाद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समानांतर एक सराहनीय सामाजिक पहल करते हुए बिहार एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव ईशान त्रिवेदी ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय अनिल कुमार त्रिवेदी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर बक्सर रेलवे स्टेशन पर लगभग 300 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई। इस दौरान यात्रियों एवं जरूरतमंदों के बीच भोजन प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे लोगों ने भावनात्मक सम्मान और सेवा भावना के रूप में सराहा। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने स्वर्गीय पंडित अनिल कुमार त्रिवेदी के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।





