माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना व गरीब असहायों के बीच किया दान


न्यूज विजन। बक्सर
माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर रामरेखा घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विश्वामित्र की नगरी श्रद्धालुओं से धन्य हो गई। गंगा में हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। रविवार को सुबह के तीन बजे से ही लोगों ने गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिये। रामरेखा घाट पर इतनी भीड़ थी कि मानों तिल रखने की जगह नहीं बची हो। दिन चढ़ने के साथ ही घाट पर भीड़ बढ़ने लगी। सबसे अधिक भीड़ रामरेखा घाट पर थी। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने जगत पालक भगवान विष्णु की पूजा की और कथा सुनी।
रामरेखा घाट के अलावा शहर के नाथ बाबा माट, सोमेश्वरनाथ घाट, सती पाट, गोला घाट, सिद्धनाथ घाट समेत अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की। वहीं गरीबों और असहायों के बीच वस्त्र, चावल, दाल, आंवला, फल आदि का दान किया। मंदिरों में पूजा कर लोगों ने मंगल की कामना की। बक्सर जिले के अलावा झारखंड, आरा जिला, सीमावर्ती उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के लिए बक्सर पहुंचे हुए थे। कई लोगों ने इस पावन अवसर पर पंडित जी को दान दिया।
पंडित लाला बाबा ने बताया कि माघी पूर्णिमा हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। इस दिन माघ मास का कल्पवास समाप्त होता है और तीर्थों में स्नान-दान करने से पाप-मुक्ति व मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान से पापों का नाश होता है। भगवान विष्णु की पूजा से सुख-सौभाग्य मिलता है। इस दिन को सूर्य और चंद्रमा के शुभ संयोग से पुण्यदायक माना जाता है। उन्होंने कहा कि दान-पुण्य का भी काफी महत्व है।
रामरेखा घाट और पहुंचपथ पर सुबह से लेकर दिन के तीन बजे तक गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचता हा। वीर कुंवर सिंह चौक से रामरेखा घाट जाने ने वाले सड़क के दोनों तरफ का फुटपाथ दुकानदारों से पटा हुआ था। प्रसाद, फल, फूल-माला, जलेबी, समोसा, चाट, खिलौना, श्रृंगार प्रसाधन आदि की दुकानें सजी थी। महिला श्रद्धालुओं ने धाम से श्रृंगार की सामग्री खरीदने की परंपरा को बखूबी निभाया। चूड़ी, बिंदी, कंघी, काजल, माला आदि की खरीदारी की। वहीं खिलौना और चाट-समोसे व जलेबी की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ रही।
माघी पूर्णिमा पर को होने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन सजग था। अधिकारियों की सजगता से कहीं भी जाम नहीं लगा। वीर कुंवर सिंह चौक, रामरेखा घाट और पहुंचपथ पर पुलिस अधिकारी व महिला और पुरुष बल की तैनाती की गई थी। बड़े वाहनों का प्रवेश शहर में वर्जित था। ऐसे में ना तो शहर में कहीं जाम लगा और ना ही इस गंभीर समस्या से लोगों परेशानी झेलनी पड़ी। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गंगा घाटों पर गोताखोर को तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारी व जवान घाट पर हर गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।





