होली रंगों का ही नहीं बल्कि यह मन के मालिन्य को धोने का भी त्योहार है: भारवि
भोजपुरी साहित्य मण्डल ओर से विप्र नगर में होली मिलन समारोह सह हास्य कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन


न्यूज विजन। बक्सर
भोजपुरी साहित्य मण्डल, बक्सर की ओर से सोमवार को विप्र नगर में होली मिलन समारोह सह हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें संस्था के सदस्यों पर ना सिर्फ अबीर- गुलाल बल्कि अंतर्मन को रंगों से सारोबार कर देने वाली कविताओं की भी बौछार हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष प्रो (डॉ) अरुण मोहन भारवि ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है बल्कि यह मन के मालिन्य को धोने का भी त्योहार है। होली हमें दोस्ती और भाईचारे का संदेश देती है।कार्यक्रम में मंच संचालन कवि संजय सागर ने किया।
इस अवसर पर कमलापति पाण्डेय ‘निडर’, शिवबहादुर पाण्डेय ‘प्रीतम’ , रामेश्वर प्रसाद वर्मा, अनंत प्रसाद, दयानन्द कुमार, राजकिशोर राय, कुशध्वज सिंह, महेश्वर ओझा, अमर रंजन, शंभूनाथ मिश्रा, अमरेंद्र दुबे, विनय कुमार ओझा, श्रीभगवान पाण्डेय, फारुख सैफी, वशिष्ठ पाण्डेय, धनेश्वर मिश्र, शंकर कुमार, ददन सिंह, उमेश कुमार पाठक आदि ने अपने काव्य-पाठ से दर्शकों का मन मोह लिया।





