तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 18 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चौसा–कोचस मुख्य मार्ग पर कोचाढी गांव स्थित थर्मल पावर प्लांट के गेट के समीप गुरुवार की देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार 18 वर्षीय युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के बारूपुर पंचायत के उत्तमपुर गांव निवासी छठु पासवान के पुत्र विश्वकर्मा पासवान के रूप में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वकर्मा पासवान भलुहा बाजार में फुटपाथ पर कपड़े की दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गुरुवार को वह किसी निजी काम से अपने दोस्त की बाइक लेकर बक्सर गया हुआ था। देर शाम वह वापस अपने गांव लौट रहा था। जैसे ही वह चौसा थर्मल पावर प्लांट के गेट के पास पहुंचा, तभी विपरीत दिशा से तेज गति में आ रहे एक ट्रक ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना मुफस्सिल थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटना की जानकारी परिजनों को दी। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। इस संबंध में मुफस्सिल थाना के अपर थाना अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फरार ट्रक और चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने भी घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। बारूपुर पंचायत के पूर्व मुखिया मिथिलेश पासवान ने मृतक के परिवार के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा परिवार का सहारा था और उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा





