गंगाधाम, कम्हरिया में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का भव्य समापन, विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा यज्ञ स्थल, गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में हुई पूर्णाहुति


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सदर प्रखंड अंतर्गत गंगाधाम, कम्हरिया में आयोजित श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था के भव्य संगम के साथ संपन्न हो गया। महायज्ञ के समापन अवसर पर अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब गंगाधाम की ओर उमड़ पड़ा। देखते ही देखते यज्ञ स्थल पर साधु-संतों और भक्तों की भारी भीड़ जुट गई, जहां पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
गंगा तट पर बनी यज्ञशाला में हुई पूर्णाहुति
महायज्ञ के अंतिम दिन सर्वप्रथम गंगा नदी के तट पर निर्मित यज्ञशाला में विधिवत हवन कर पूर्णाहुति दी गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण क्षेत्र गूंज उठा। साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर परिवार और समाज के सुख-शांति की कामना की। यज्ञ के दौरान बीते पांच दिनों से निरंतर चल रहे हनुमान चालीसा पाठ और हरि कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कीर्तन और भजन से वातावरण पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर नजर आया।
यज्ञ से वातावरण होता है शुद्ध : गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज
इस अवसर पर मनीषी संत परम पूज्य श्री 1008 गंगापुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और इसमें भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। मौके पर मौजूद भक्तों ने स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त किया, वहीं कई श्रद्धालु गुरुमुख भी हुए। दोपहर बारह बजे के बाद विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों साधु-संतों और हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम तक भंडारा निर्बाध रूप से चलता रहा और आयोजन समिति की ओर से सेवा-व्यवस्था की सराहना की गई।
अंगवस्त्र भेंट कर साधु-संतों को दी गई विदाई
कार्यक्रम के समापन अवसर पर गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने सभी साधु-संतों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी। आयोजन के सफल समापन पर श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और आस्था की झलक साफ दिखाई दी।





