गंगा धाम कम्हरिया में गूंजा ‘गौ सम्मान’ का स्वर
2027 तक गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने का आह्वान, देशव्यापी जन जागरण की रूपरेखा तैयार


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सम्पूर्ण भारत वर्ष में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत मध्य प्रदेश से संतों की एक टोली गंगा धाम कम्हरिया पहुंची। यहां गंगापुत्र श्री लक्ष्मीनारायण त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के आश्रम में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और गौ भक्त उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गंगा पुत्र श्री लक्ष्मीनारायण त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने वर्ष 2027 तक गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की आधारशिला रही है, इसलिए इसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित दर्जा मिलना चाहिए। स्वामी जी ने देश के हिंदू धर्म से जुड़े प्रत्येक परिवार से अपने घर या दरवाजे पर कम से कम एक गाय रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल गौ संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि जैविक खेती, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
केंद्र सरकार से कठोर कानून की मांग
कार्यक्रम के दौरान संतों ने केंद्र सरकार से गौ हत्या के खिलाफ कठोर कानून बनाने और पूरे भारतवर्ष में इसे पूर्णतः बंद कराने की मांग उठाई। इस दिशा में साधु-संतों एवं गौ भक्तों द्वारा आगे की रणनीति तय किए जाने की बात कही गई। संतों ने सभी गौ भक्तों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। संतों की ओर से 27 अप्रैल और 27 जुलाई को ‘गौ सम्मान दिवस’ मनाने की घोषणा की गई। इन तिथियों पर अपने-अपने जिला मुख्यालय पहुंचकर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र समर्पित करने का आह्वान किया गया, ताकि गौ संरक्षण संबंधी मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प और गौ माता के जयघोष के साथ हुआ। उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं ने गौ संरक्षण के लिए संगठित होकर राष्ट्रव्यापी जन जागरण अभियान को गति देने का संकल्प लिया।





