वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे एक हजार सात सौ आठ मामले
वाद के निपटारा के लिए बनाए गए थे, कुल नौ बेंच, 14 करोड़ 75 लाख 55 हजार 09 सौ 51 रुपए की समझौता राशि के मुकदमों का सुलह के आधार पर निपटारा कराया गया


न्यूज विज़न। बक्सर
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, के तत्वाधान में प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार काजल झाव, प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार, जिला पदाधिकारी साहिला, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या एवम उपस्थित मंचासीन पदाधिकारी और जिला प्राधिकार सचिव नेहा दयाल, प्रवीण कुमार सिंह श्रींनेत्, अध्यक्ष, स्थाई लोक अदालत, उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत उदघाटन किया। मौके पर, अधिवक्ता संघ सचिव विन्देश्वरी पान्डेय एवं व्यवहार न्यायालय के सभी न्यायिक पदाधिकारी व कार्यालय कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर मंच का संचालन विष्णु दत्त द्विवेदी, पैनल अधिवक्ता ने किया ।
प्रधान जिला जज काजल झाव ने कहा कि लोक अदालत सुलभ और एक ही दिन में मुकदमे के निपटारे का सुलभ रास्ता है। इसमें ना कोई पक्ष जीतता है, ना ही कोई पक्ष हारता है इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है। कोई भी व्यक्ति अपने वाद का निपटारा सुलह समझौते के माध्यम से करा सकता है। लोक अदालत में आने वाले वाद के सभी पक्षकारों को लोक अदालत पर मैं स्वागत करती हूं और आशा करती हूं कि सुलह के आधार पर अपने-अपने वादों का निष्पादन वे करवाएंगे। मौके पर उपस्थित नेहा दयाल ने कहा कि हम लोग एक राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं। वाद के दोनों पक्षकार स्थानीय न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में अपने- अपने वादों को लेकर दौड़ते रहते हैं और उनके मुकदमे का निपटारा नहीं होता। यदि अपने मुकदमों का निपटारा करवाना चाहते हैं तो सीधे लोक अदालत में आए और एक ही दिन में अपने वादों का निपटारा सुलह के आधार पर करवाए।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन इस उद्देश्य से ही किया जाता है कि व्यवहार न्यायालय पर बढ़ रहे मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके। साथ में लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है। उन्होंनें कहा कि लोक अदालत जनता की अदालत है। जिसमे आपकी सहमति से ही आप के द्वारा किया गए मुकदमो को सुलह के आधार पर निपटारा करवाया जाता है। दोनो पक्षों के सुलह होने पर अवार्ड बनता है, जिससे दोनो पक्षो को दिया जाता है, और एक कॉपी न्यायालय में भी रखा जाता है।
आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के 544 वाद का निपटारा हुआ l जिसमे 13,11,60,794/- तेरह करोड़ गयारह लाख साठ हजार सात सौ चौरनवे रुपए के समझौता राशि पर हस्ताक्षर हुआl अन्य वाद जिसमे यातायात के कुल 618, आपराधिक 165 वाद, विद्युत वाद के 265 मामले, वैवाहिक वाद के 13 मुकदमे, जिला परिवहन पदाधिकारी के छः सौ अट्ठारह मुकदमे , एन आई एक्ट के चार मुकदमे का निपटारा कराया गया। विभिन्न बैंकों के रेकवेरी के 98 मामलों जिसमे हुए निष्पादन पर इस दौरान कुल 01 करोड़ 12 लाख 81 हजार 51 रुपए की समझौता राशि पर हस्ताक्षर किया गया। मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, उदय प्रताप सिंह, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, संजीत कुमार सिंह, अमित कुमार शर्मा, सोनेलाल रजक , कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, अनुपमा सिंह, अवर न्यायाधीश, भोला सिंह, महेश्वर नाथ पांडेय वही न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मान्वेंद्र सिंह पीठ में उपस्थित थे l पैनल अधिवक्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।





