गांव से संचालित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 39 लाख की ठगी का खुलासा
उज्जीवन बैंक के खातों से संदिग्ध लेनदेन उजागर, एक आरोपी निरुद्ध; कई राज्यों से जुड़े तार, अन्य की तलाश जारी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो गांव स्तर से ही लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को निरुद्ध किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर पोर्टल पर प्राप्त “चेक विड्रॉल रिपोर्ट” की जांच के दौरान उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के चार खातों में संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों से जुड़े मामलों में बिहार के बाहर कई राज्यों में साइबर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं। गहन जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ये सभी खाते कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के सोवा गांव के अलग-अलग खाताधारकों के नाम पर संचालित हो रहे थे। इन खातों के माध्यम से करीब 39 लाख 10 हजार रुपये की निकासी की गई थी, जो साइबर ठगी से अर्जित धन होने की आशंका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर एक खाताधारक रंजीत कुमार को निरुद्ध किया। पूछताछ के दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी में संलिप्त होने की बात स्वीकार की। इसके अलावा पुलिस ने नारायण सिंह उर्फ अमृत राज के घर पर छापेमारी कर कई अहम उपकरण बरामद किए, जिनमें मोबाइल फोन, क्यूआर कोड मशीन, बायोमेट्रिक मशीन, डेबिट कार्ड और चेक शामिल हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था।
फिलहाल, पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई में साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के साथ रामरतन पंडित, संजय कुमार सिंह, श्रीकांत, शुभम कुमार, अमीषा कुमारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।





