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गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर आदर्श गौशाला में महाबैठक, 27 अप्रैल को “गौ सम्मान दिवस” ऐतिहासिक बनाने का संकल्प

संत ओंकार दास जी महाराज के सान्निध्य में जुटे गौभक्त व युवा, 11 हजार हस्ताक्षर अभियान के साथ देशव्यापी जन जागरण तेज करने की रणनीति तैयार

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
“गौ सम्मान आह्वान अभियान” को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं विस्तृत बैठक का आयोजन शनिवार को देर शाम आदर्श गौशाला परिसर में किया गया। यह बैठक देशभर में चल रहे गौ सम्मान जन-जागरण अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें संत समाज, गौ भक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में बनारस से पधारे पूज्य संत ओंकार दास जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके सान्निध्य में पूरे आयोजन को आध्यात्मिक दिशा एवं ऊर्जा प्राप्त हुई।  बैठक में मुख्य रूप से सुप्रसिद्ध छात्र नेता खुशबू पाठक ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। उनके साथ पूनम चौबे, हरिशंकर गुप्ता, आदित्य चौधरी, रोहतास गोयल सहित कई सक्रिय गौभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

बैठक की शुरुआत गौमाता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए की गई, जिसके पश्चात “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के उद्देश्यों, रणनीतियों एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार पूर्वक विचार-विमर्श किया गया। जिसमें उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान समय में गोवंश की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और इसके संरक्षण के लिए समाज एवं सरकार दोनों को मिलकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। सुप्रसिद्ध छात्र नेता खुशबू पाठक ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि “गौ सम्मान आह्वान अभियान” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रव्यापी चेतना आंदोलन है, जो देशभर के पूज्य साधु-संतों के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य गौमाता को उचित सम्मान दिलाना, उनके संरक्षण के लिए सशक्त एवं प्रभावी कानून बनवाना तथा समाज में गौसेवा के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि जब तक युवा वर्ग इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप नहीं दिया जा सकता। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों को इस अभियान से जुड़े और गौ संरक्षण के प्रति जनसमर्थन तैयार करें।

 

खुशबू पाठक ने आगे बताया कि अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत आगामी 27 अप्रैल को पूरे भारतवर्ष में प्रत्येक अनुमंडल पदाधिकारी को कम से कम 11,000 हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक न्यूनतम लक्ष्य है, बल्कि प्रयास यह होना चाहिए कि इससे कहीं अधिक संख्या में हस्ताक्षर एकत्र कर सरकार तक गौ भक्तों की सशक्त आवाज पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि इस ज्ञापन के माध्यम से गौभक्तों की प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी जाएंगी, जिनमें केंद्र स्तर पर गौमाता के संरक्षण हेतु कड़े एवं प्रभावी कानून का निर्माण, अवैध कत्तलखाने पर पूर्ण प्रतिबंध, पशु तस्करी पर कठोर नियंत्रण तथा गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।

पूज्य ओंकार दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में गौमाता का सम्मान होता है, वहां समृद्धि और शांति स्वतः आती है। उन्होंने सभी गौ भक्तों से आग्रह किया कि वे इस अभियान को केवल आंदोलन के रूप में नहीं, बल्कि एक पवित्र सेवा के रूप में ग्रहण करें। बैठक में अन्य वक्ताओं में पूनम चौबे, हरिशंकर गुप्ता, आदित्य चौधरी एवं रोहताश गोयल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि गौ संरक्षण आज के समय की अत्यंत आवश्यक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से भी अपेक्षा की कि वह अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाए और गौ सेवा कार्यों को प्रोत्साहित करे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर “गौ सम्मान आह्वान अभियान” को जन-जन तक पहुंचाने तथा आगामी 27 अप्रैल को आयोजित होने वाले “गौ सम्मान दिवस” को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। बैठक का समापन गौमाता के जयकारों एवं राष्ट्रहित के संकल्प के साथ किया गया।

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