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शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाई सियासत, सांसद समर्थकों ने प्रेसवार्ता कर किया पलटवार

आरटीआई के जरिए घोटालों के खुलासे का दावा, भाजपा प्रवक्ता व कुछ शिक्षकों पर दलाली और उगाही के गंभीर आरोप

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर सांसद पर लगाए गए आरोपों के जवाब में बुधवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर अरविन्द सिंह एवं अजय सिंह ने एनडीए सरकार और शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार में बक्सर शिक्षा विभाग में विधायक के नाम पर खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसका खुलासा वे लोग लगातार आरटीआई के माध्यम से करते आए हैं। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण उन्हें और बक्सर सांसद को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।

 

अरविन्द सिंह ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता दीपक पांडेय रोजाना जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के चैंबर में आते-जाते रहते हैं और विधायक के नाम पर दलाली करते हैं। उन्होंने विधायक को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि यदि वे साबित कर दें कि वह शिक्षा विभाग में दलाली करते हैं तो वे जिला बदर होने के लिए तैयार हैं, अन्यथा विधायक बताएं कि वे क्या कार्रवाई करेंगे।

 

अधिकारी बेलगाम, कार्रवाई नहीं
अरविन्द सिंह ने कहा कि एनडीए सरकार में अधिकारी पूरी तरह बेलगाम हो गए हैं। उन्होंने बताया कि बक्सर के डीईओ और डीपीओ के खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेट का मामला भी उन्होंने आरटीआई के माध्यम से उजागर किया था। इस मामले में पटना से जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र भी आया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि विधायक का यह आरोप है कि शिक्षा विभाग के गोपनीय पत्र उनके पास पहुंच रहे हैं, तो यह भी एनडीए सरकार की नाकामी को दर्शाता है।

“सांसद के अधिकृत सहयोगी के रूप में उठाते रहेंगे आवाज”
अरविन्द सिंह ने कहा कि वे बक्सर सांसद के अधिकृत सहयोगी के रूप में शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों पर काम करते हैं और विभाग में जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, उसके खिलाफ लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में उन्होंने ही करीब साढ़े सात करोड़ रुपये के चावल घोटाले का खुलासा किया था। इस मामले में सात बीआरपी को बर्खास्त किया गया था और तत्कालीन डीपीओ सुरेश मंडल को पटना से गिरफ्तार कर बक्सर सेंट्रल जेल में छह महीने तक सजा भी काटनी पड़ी थी।

फर्जी बहाली का भी किया खुलासा
उन्होंने बताया कि बक्सर में डीपीओ रहे अमरेंद्र पांडेय के भाई की फर्जी बहाली का मामला भी उन्होंने उजागर किया था। उनके द्वारा दायर परिवाद के बाद उक्त बहाली को रद्द कर दिया गया।

शिक्षकों पर उगाही का आरोप
प्रेसवार्ता में अरविन्द सिंह ने आरोप लगाया कि बक्सर डीईओ और डीपीओ का यूजर आईडी और पासवर्ड कुछ शिक्षक अपने घर से इस्तेमाल करते हैं। इनमें मध्य विद्यालय मिल्की के शिक्षक नविन कुमार और तुर्कपुरवा में पदस्थापित शिक्षक रविंद्र राउत का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग शिक्षकों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसे वसूलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्नातक में प्रमोशन दिलाने के नाम पर 40-40 हजार रुपये तक की उगाही की जाती है। साथ ही ये शिक्षक कभी स्कूल नहीं जाते और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का सारा काम देखते हैं।

विधायक के करीबी लोगों पर भी आरोप
अरविन्द सिंह ने कहा कि मंगलवार को शिक्षा विभाग में विधायक के साथ जो लोग मौजूद थे, वे सभी विधायक के नाम पर विभाग में दबाव बनाकर कार्य करवाते हैं और शिक्षा विभाग के ठेकेदार की तरह काम करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक के करीबी विनय उपाध्याय जिले के विभिन्न स्कूलों में मरम्मत और अन्य निर्माण कार्य करवाते हैं।

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