बक्सर यमुना चौक गुप्ता ड्रेसज पर ऊलेन वस्त्रों की महासेल, 15 जनवरी तक 50% तक फ्री ऑफर


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर में कड़ाके की ठंड आमतौर पर ऊलेन बाजार के लिए राहत भरी मानी जाती है। इस मौसम में ऊलेन कपड़ों की मांग अपने चरम पर रहती है और कारोबारी सामान्यतः किसी तरह का ऑफर नहीं देते। लेकिन इस बार बाजार का रुख कुछ अलग नजर आ रहा है। अत्यधिक ठंड और बदलते उपभोक्ता रुझानों के बीच यमुना चौक स्थित प्रसिद्ध गुप्ता ड्रेसज पर ऊलेन कपड़ों की महासेल शुरू की गई है, जो आगामी 15 जनवरी तक चलेगी।
इस महासेल के तहत ऊलेन वस्त्रों पर 50 प्रतिशत तक का फ्री ऑफर दिया जा रहा है। कपड़ा व्यवसायियों को सीजन की शुरुआत में अच्छे कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन मौसम की अनिश्चितता और लग्न के समय के नजदीक आने के कारण कारोबारी अब जोखिम उठाने के मूड में नहीं हैं। उनका उद्देश्य है कि बचा हुआ माल समय रहते निकल जाए, भले ही मुनाफा कुछ कम क्यों न हो, ताकि पूंजी फंसे नहीं। बाजार के जानकारों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में धूप नहीं निकलने के कारण ऊलेन कपड़ों की खरीदारी में तेजी जरूर आई है। हालांकि, उपभोक्ताओं की पसंद में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले स्वेटर का चलन अधिक था, वहीं अब युवा वर्ग जैकेट और हुड्डी को ज्यादा तरजीह दे रहा है। इसके साथ ही इनर वियर की मांग में भी तेजी आई है। साल की तुलना में कार्डिगन की बिक्री में अधिक उछाल देखा जा रहा है।
गुप्ता ड्रेसज के प्रोप्राइटर चंदन गुप्ता ने बताया कि अब लग्न का समय आ रहा है और इस बार ऊलेन की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई। ऐसे में जो भी माल बचा है, उसे निकालकर आगे के बिजनेस की तैयारी करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ नुकसान हो जाए, लेकिन कपड़ा फंसे नहीं, यही हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आगे बताया कि महासेल के तहत ग्राहकों को आकर्षक फ्री ऑफर दिए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं —
* साल पर साल फ्री
* ऊलेन हुड्डी पर हुड्डी फ्री
* ऊलेन स्टाल पर स्टाल फ्री
* कार्डिगन पर कार्डिगन फ्री
* जैकेट पर जैकेट फ्री
* ऊलेन स्वेटर पर स्वेटर फ्री
* बच्चों के जैकेट पर जैकेट फ्री
* ऊलेन कुर्ती पर कुर्ती फ्री
इसके अलावा, सभी ऊलेन वस्त्रों पर 50 प्रतिशत तक का फ्री ऑफर 15 जनवरी तक उपलब्ध रहेगा। कुल मिलाकर, कड़ाके की ठंड के बीच गुप्ता ड्रेसज की यह महासेल ग्राहकों के लिए बड़ी राहत और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, वहीं कारोबारियों के लिए यह रणनीति पूंजी को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।





