भाजपा प्रवक्ता की टिप्पणी पर भड़के राजद जिलाध्यक्ष, सांसद सुधाकर सिंह के खिलाफ बयानबाजी की कड़ी निंदा
शेषनाथ सिंह बोले – जनप्रिय सांसद पर अमर्यादित टिप्पणी लोकतंत्र और जनता का अपमान, भाजपा नेताओं को दी संयम बरतने की नसीहत


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सोशल मीडिया पर भाजपा के एक तथाकथित प्रवक्ता द्वारा बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधाकर सिंह के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मामले में शेषनाथ सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और उक्त बयान की तीखी आलोचना की है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के कुछ तथाकथित प्रवक्ता अपने आकाओं के इशारे पर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ ओछी और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है बल्कि जनता का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि जिन्हें “पीए” जैसे सामान्य शब्द का अर्थ तक ज्ञात नहीं है, वे लोग शिक्षा व्यवस्था पर भाषण देने की हिम्मत करते हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग दो दशकों में शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर रहा है और इस व्यवस्था में शामिल कुछ लोग आज नैतिकता की बात कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऐसे लोग जनप्रिय नेता और देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था संसद के सदस्य के प्रति अमर्यादित टिप्पणी कर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दे रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि सांसद Sudhakar Singh की कर्मठता, विद्वता और ईमानदारी किसी परिचय की मोहताज नहीं है। बक्सर लोकसभा क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और कार्यशैली से विपक्षी दलों के कुछ नेता परेशान हैं और इसी कारण वे अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बक्सर संसदीय क्षेत्र में सांसद के लाखों घोषित और अघोषित समर्थक हैं, जो उनके विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए उनके साथ खड़े हैं। जिलाध्यक्ष ने भाजपा नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि वे अनावश्यक और अपमानजनक टिप्पणी करने से बाज आएं तथा सार्वजनिक जीवन में शालीनता बनाए रखें।
राजद जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार या भ्रष्ट व्यक्तियों की हिमायती नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संस्था का गलत तरीके से दोहन करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि सांसद के खिलाफ की जा रही इस तरह की बयानबाजी केवल राजनीतिक हताशा का परिणाम है और जनता ऐसे प्रयासों को भलीभांति समझती है।





