बड़ी मस्जिद से सेंट्रल जेल तक 4.20 कि.मी. मार्ग का डीएम साहिला ने किया निरीक्षण
नाले का लेवल सड़क के अनुसार रखने का निर्देश, ट्रीटमेंट के बाद ही नदी में छोड़ा जाएगा सिवरेज का पानी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बुधवार को जिला पदाधिकारी साहिला द्वारा शहर की प्रमुख सड़कों और आधारभूत संरचनाओं की स्थिति का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बड़ी मस्जिद से सेंट्रल जेल तक लगभग 4.20 किलोमीटर लंबे मार्ग का पैदल एवं स्थलीय जायजा लिया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था तथा सीवरेज कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करना था।
निरीक्षण के क्रम में सड़क किनारे निर्माणाधीन सिवरेज/नाले को लेकर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बक्सर को स्पष्ट निर्देश दिया कि नाले की ऊँचाई सड़क के लेवल के अनुरूप ही रखी जाए। उन्होंने कहा कि यदि नाले का लेवल सड़क से ऊँचा या नीचा रखा गया तो बरसात के मौसम में वर्षा जल की निकासी बाधित होगी, जिससे जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सड़क और नाले का ढाल (स्लोप) इस प्रकार हो कि वर्षा का पानी बिना अवरोध के नालियों में प्रवेश कर सके और तेजी से बाहर निकल जाए। साथ ही निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद बक्सर को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि नालों से निकलने वाले पानी को ट्रीटमेंट किए बिना नदी में नहीं छोड़ा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना शुद्धिकरण के गंदे पानी को नदी में प्रवाहित करना पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी, बक्सर, अविनाश कुमार को निर्देश दिया गया कि वे प्रस्तावित वॉटर सिवरेज/ट्रीटमेंट प्लांट के स्थल का स्वयं निरीक्षण करें तथा वहां की वास्तविक स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत कराएं। निरीक्षण के उपरांत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने, समन्वय के साथ कार्य करने तथा आमजन को जलजमाव और गंदगी से राहत दिलाने पर विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि शहर की बेहतर साफ-सफाई, सुचारू जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।





