यूजीसी अधिनियम के खिलाफ युवाओं ने निकाला आक्रोश मार्च, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
यूजीसी के नये प्रावधान के खिलाफ सड़क पर उतरे सामान्य वर्ग के युवा


न्यूज विजन। बक्सर
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के खिलाफ यूजीसी अधिनियम शोषित समाज, बक्सर ने गोलंबर से लेकर वीर कुंवर सिंह चौक तक आक्रोश मार्च निकाला। मार्च में सैकड़ों युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। यूजीसी गो बैक, सामान्य वर्ग के छात्रों पर ज्यादती नहीं सहेंगे, छात्रों को बांटना बंद करो-बं करो के नारे से शहर गूंज उठा।
आक्रोश मार्च के दौरान जगह -जगह बैठ कर युवा केंद्र सरकार के विरोध में जमकर बरसे। वीर कुंवर सिंह चौक पर आक्रोश मार्च सभा में तब्दील हो गया। यूजीसी अधिनियम शोषित समाज के सदस्यों ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि यूजीसी द्वारा हाल ही में प्रस्तावित-लागू किए गए उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता संबंधी नए प्रावधानों की विसंगतियों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। हमारा विरोध निम्नलिखित तर्कसंगत और संवैधानिक आधारों पर है।
यूजीसी अधिनियम के संशोधित उपबंध एवं सुधार की आवश्यकता है। अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघनः भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 “विधि के समक्ष समानता” सुनिश्चित करता है। यूजीसी के नए नियमों में “भेदभाव” की परिभाषा को अत्यधिक एकतरफा रखा गया है, जो केवल विशिष्ट वर्गों को ही सुरक्षा प्रदान करती है। आग्रह है कि सुरक्षा और न्याय का अधिकार सभी जातियों और वर्गों के छात्रों के लिए समान होना चाहिए ताकि संवैधानिक मर्यादा बनी रहे। नए नियमों में शिकायतकर्ता द्वारा दी गई गलत जानकारी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को हटा दिया गया है। इससे शिक्षण संस्थानों में व्यक्तिगत रंजिश और निर्दोष छात्रों व शिक्षकों के उत्पीड़न की प्रबल संभावना है। न्याय की निष्पक्षता हेतु इसे तत्काल बहाल किया जाना चाहिए। वर्तमान नियमों से संपन्न ओबीसी वर्ग को मिलने वाले अनुचित लाभ के कारण समाज का वास्तविक गरीब और मेधावी छात्र मुख्यधारा से वंचित हो रहा है। उच्च शिक्षा के स्तर पर केवल ‘जातिगत पहचान’ के आधार पर प्रशासनिक दबाव बनाना संस्थानों की स्वायत्तता और ‘मेरिट’ के सिद्धांत के खिलाफ है।
आक्रोश मार्च में सुशील कुमार राय, दिवाकर पाठक, नवीन निश्चल चतुर्वेदी, जितेंद्र ठाकुर, सतीश चंद्र त्रिपाठी, विनोद राय, आशानंद सिंह, मनोज सिंह, जयप्रकाश राय, धनंजय राय, चंदन सिंह, अमित सिंह दीपक, श्री भगवान सिंह त्यागी, अनु तिवारी, मनोज पांडेय, प्रमोद मिश्रा, इंद्रेश पाठक, संत सिंह, अविनाश पांडे, मोहित मोहित दुबे, पंकज उपाध्याय, सत्येंद्र ओझा, नंदकुमार तिवारी, श्रवण तिवारी, राजाराम पांडेय, ललन राय, दयाशंकर तिवारी, अशोक लाल, सुधाकर पाठक, राम कवल पासी, पप्पू ओझा, प्रियेश मिश्रा, ओमजी, गोवर्धन चौबे, कमलेश्वर सिंह उर्फ भोला सिंह, जेपी राय, सौरभ तिवारी समेत सैकड़ों युवा शामिल थे।





