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आम के पेड़ों से झड़ रहें हैं टिकोले तो प्लानोफिक्स दवा का करें छिड़काव

पौधे के तनों से गोंद निकलने और दहिया कीट के प्रकोप से टिकोले अपने आप गिरने लगते हैं

न्यूज विजन। बक्सर
इस साल फलों का राजा आम की फसल देख किसान खुश हैं। पेड़ आम से लदे हुए हैं। किसानों को उम्मीद थी कि आम का बेहतर उत्पादन होगा। लेकिन, इन दिनों एक नई समस्या से किसान परेशान हैं। अपने आप पौधे से टिकोले गिर रहे हैं। ऐसी शिकायत बक्सर, राजपुर, डुमरांव समेत अन्य प्रखंडों से आ रही है। किसानों ने बताया कि ना आंधी चली और न ही भारी बारिश हुई। बावजूद पौधे से आम गिर रहा है। इस तरह से आम गिरते रहे तो काफी नुकसान हो सकता है। आम गिरने की समस्या को लेकर किसान चिंतित हैं। अभी आम फसल तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में जमीन पर गिरे आम का कोई भाव भी नहीं मिल पा रहा है।

 

आम के टिकोले मुख्य रूप से चूसक कीटों फफूंद और पोषक तत्वों की कमी के कारण गिरते हैं। पेड़ से आम गिरने से हद तक बचाया जा सकता है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. रामकेवल ने बताया कि प्लानोफिक्स नामक दवा का छिड़काव टिकोले झड़ने को रोकने के लिए सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। 1 मिलीलीटर प्लानोफिक्स को 4 से 5 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें जब फल मटर के दाने के आकार के हों।

 

आम के पौधों की जड़ के पास गड्डा कर सप्ताह में एक या दो बार सिंचाई करें। अगर बहुत तेजी से आम गिर रहे है तो बोरान सूक्ष्म पोषक तत्व का पौधों पर छिड़काव करें। पौधों के जड़ के पास के गड्ढे में पानी के साथ बोरान डालें। इस तरह का उपाय कर पेड़ से आम को गिरने से बचाया जा सकता है। वैसे अगले मौसम में आम का बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए पहले से ही पौधों की निगरानी पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए उपाय करना चाहिए।

डॉ. रामकेवल ने बताया कि आम गिरने की कई वजह हो सकती है। अचानक तापमान का बढ़ना भी एक कारण हो सकता है। पौधे के तनों से गोंद निकलना, दहिया कीट का प्रकोप के चलते भी आम अपने आप गिरने लगते हैं। वहीं पोषक तत्वों की कमी के चलते भी पौधों से आम गिरते हैं।

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