फाल्गुन महाशिवरात्रि पर रघुनाथपुर बना शिवधाम, महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
तुलसी आश्रम में जलाभिषेक, भव्य शिव बारात और शिवगंगा सरोवर तट पर दिव्य गंगा महाआरती से गूंजा वातावरण; हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर गांव फाल्गुन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवमय हो उठा। तुलसी आश्रम स्थित महाकालेश्वर शिव मंदिर में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। मेले जैसा दृश्य उपस्थित था, जहां पूजन सामग्री सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी थीं। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में लोग महाकाल के दर्शन-पूजन हेतु पहुंचे।
इस अवसर पर भव्य शिव बारात शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें शिव-पार्वती की आकर्षक झांकी एवं महाकाल के रुद्र रूप की जीवंत प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। डीजे की धुन पर भूत-प्रेत और बेताल की झांकियों ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। हजारों महिला श्रद्धालुओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई शिव बारात रघुनाथपुर स्टेशन स्थित दुर्गा मंदिर पहुंची, जहां विधिवत द्वारपूजा संपन्न हुई। इस दौरान डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार, ब्रह्मपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनू कुमार एवं अंचलाधिकारी सहाना खातून भी उपस्थित रहे।
तुलसी विचार मंच के तत्वाधान में मंदिर के समीप स्थित शिवगंगा सरोवर तट पर भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। विद्वान अर्चक राजू मिश्रा, गोपी मिश्रा एवं विकास मिश्र द्वारा दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर महाआरती संपन्न कराई गई। दीपों की जगमग रोशनी, शंखनाद एवं घंटियों की मधुर ध्वनि से वातावरण दिव्य हो उठा। इस अवसर पर गंगा समग्र के राष्ट्रीय आरती आयाम प्रमुख शंभू पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन, कोषाध्यक्ष राजकुमार कुंवर, मुखिया अनिल पासवान, सरपंच प्रतिनिधि झुन्नू मिश्रा, पैक्स अध्यक्ष फादर चौधरी, शंभू चंद्रवंशी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। गंगा महाआरती के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार एवं विशेष भस्म आरती संपन्न हुई। ढोल-नगाड़ों और मंजीरों की धुन पर पारंपरिक शैली में की गई भस्म आरती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। आयोजन के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश ओझा ने बताया कि तुलसी आश्रम शैव एवं वैष्णव परंपरा का अद्वितीय संगम स्थल है। गोस्वामी तुलसीदास की तपोस्थली पर भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन किए जाते रहेंगे, ताकि श्रद्धालु सनातन संस्कृति की दिव्यता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर सकें। कार्यक्रम की सफलता में प्रबंधन समिति के सदस्य मदन चौधरी, शैलेश ओझा, संतोष सिंह, मिथिलेश यादव, संतोष गुप्ता, आनंद शर्मा, विशाल सिंह, विकास गुप्ता सहित स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





