गौरा संग ब्याह रचाने चले देवाधिदेव, भूत-पिशाच बने बराती
शहर के कोइरपुरवा और खलासी मुहल्ला से निकाली गई देवाधिदेव महादेव की निकाली गई दिव्य व भव्य बारात


न्यूज विजन। बक्सर
महाशिवरात्रि पर शहर के श्री शिव बरात ग्राम सुधार समिति, कोइरपुरवा और शिव बरात समिति, खलासी मुहल्ला से देवाधिदेव भगवान शिव की दिव्य बारात निकाली गई। रविवार को दिन के करीब साढ़े ग्यारह बजे कोइपुरवा से भगवान शिव की बारात गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। वहीं दो बजे दिन में श्री शिव बारात समिति, खलासी मुहल्ला से बड़े ही उल्लास के साथ शिव की बारात निकाली गई। दोनों बारात में दर्जनों ऊंट, घोड़ा, हाथी, गोंड का नाच, बैंड बाजा के साथ निकली बारात में सैकड़ों लोग शामिल हुए। हर-हर, बम-बम समेत अन्य भगवान शिव के भजन पर बराती डांस करते हुए चल रहे थे।
शिव बरात कोइरपुरवा और खलासी मुहल्ला से ज्योति प्रकाश चौक होते हुए रेलवे स्टेशन परिसर पहुंची। परिसर स्थित मंदिर के पुजारी रंगीला बाबा ने गजराज की पूजा की और और आरती उतारी। वहां सभी बराती के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। बरात शहर के स्टेशन रोड, बाजार समिति रोड, पीपी रोड, वीर कुुंवर सिंह चौक, पीपी रोड, सिविल लाइन, मेन रोड, सत्यदेवगंज समेत अन्य इलाकों में भ्रमण किया। शहर भ्रमण के बाद कोइरपुरवा से निकली बारात गौरी शंकर मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की शादी संपन्न हुई। वहीं खलासी मुहल्ला से निकली बारात शहर भ्रमण के बाद चरित्रवन स्थित पंचमुखी शिव मंदिर पहुंची, जहां विवाह संपन्न हुआ। उक्त दोनों मंदिरों में घराती बने लोगों ने बारातियों का जमकर स्वागत किया। मोहल्ला के बारात समिति के अध्यक्ष बिरेंद्र माली के देखरेख में और कोइरपुरवा की बारात समिति के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा के देखरेख में बारात निकाली गई।
महादेव की बारात में ब्रह्मा, विष्णु, शेषनाग, घोड़े वाले रथ पर सूर्यदेव, बैल पर यमराज के अलावा सभी देवी-देवता, सर्प, बिच्छू, भूत, पिशाच शामिल हुए। भूत-पिशाच के साथ अन्य बाराती जमकर थिरके। बारात में आए बनारस और कानपुर के कलाकार आकर्षण बने रहे। बनारस से आए कलाकार भूत-पिशाच बनकर मसान की होली खेली। वहीं मां दुर्गा व अन्य देवी-देताओं का स्वरूप प्रस्तुत किया।
भगवान शिव की बारात का दिव्य दर्शन करने के लिए सड़क पर शहरवासियों की भीड़ उमड़ गई। महिला, पुरूष और बच्चे के अलावा वृद्धों की कतार सड़क के किनारे लगी थी। वहीं घर के छतों पर लोग भगवान शिव के दर्शन के लिए लोग घंटो खड़े रहे। छतों से लोगाें भगवान शिव और बारातियों पर पुष्पों की वर्षा की। वहीं शहर में कई जगहों पर बरातियों की स्वागत की तैयारी शहरवासियों की ओर से की गई थी। कहीं बराती के लिए शर्बत की व्यवस्था की गई थी तो कहीं खीर, फल, हलवा आदि का इंतजाम किया गया था।
शिव बरात में विधि-व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से चप्पे-चप्पे पर पुलिस पदाधिकारी, महिला एवं पुरूष बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती गई थी। बारात जिस रास्ते से निकल रही थी उधर जाम की समस्या उत्पन्न नहीं हो इसके लिए बड़े-छोटे वाहनों का परिचालन बंद कर दिया जा रहा था।





