8 दिन में योजनाओं की स्वीकृति व भुगतान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा का करेंगे विरोध
विकास कार्यों में पिछड़ने और 10 करोड़ रुपये वापस जाने पर जिला परिषद सदस्यों ने जताया आक्रोश


न्यूज विजन। बक्सर
जिला परिषद बक्सर के सदस्यों ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर चेतावनी दी है कि यदि विकास कार्यों में तेजी नहीं लाई गई और लंबित योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी गई, तो वे मुख्यमंत्री की प्रस्तावित समृद्धि यात्रा का विरोध करेंगे। सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 15वीं वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, पंचम वित्त आयोग एवं पीआरसी की राशि समय पर खर्च नहीं होने के कारण लगभग 10 करोड़ रुपये वापस चले गए, जिससे जिला विकास के मामले में पिछड़ गया है।
सदस्यों ने बताया कि वर्तमान में 15वीं वित्त एवं राज्य वित्त आयोग की लगभग 60 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध है, लेकिन सरकार और संबंधित पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कई पदाधिकारी बदले गए, किंतु लंबित योजनाओं की समुचित समीक्षा नहीं की गई। कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं और लगभग 5 करोड़ रुपये के कार्यों का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जिससे ठेकेदारों और कर्मियों में असंतोष है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला परिषद की सामान्य बैठक में लिए गए निर्णयों को धरातल पर सही ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को सरकार द्वारा प्रशिक्षण में भेजे जाने के कारण लगभग चार माह से कार्य प्रभावित है। प्रभारी पदाधिकारी को वित्तीय प्रभार नहीं मिलने से विकास कार्य ठप पड़े हैं।
सदस्यों ने उच्च विद्यालयों में टेंडर के माध्यम से हुए लाइब्रेरी कार्यों की जांच कराने, जिला परिषद का अपना इंजीनियरिंग विंग बहाल करने तथा लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा कराने की मांग की। प्रेस बयान जारी करने वालों में राजीव कुमार, सहाना खातून, पूजा कुमारी, अशोक राम, विजेंद्र पाल, सुनैना देवी, अरमान मलिक, केदार यादव और धर्मेंद्र ठाकुर सहित अन्य सदस्य शामिल थे।





