एकात्म मानववाद के प्रणेता थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय
बीजेपी कार्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 58 वीं पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया गया


न्यूज विजन। बक्सर
भाजपा कार्यालय में बुधवार को कार्यकर्ताओं के प्रेरणापुंज, महान राष्ट्रवादी, एकात्म मानववाद तथा अन्त्योदय उत्थान के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 58 वीं पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन तथा संचालन महामंत्री लक्ष्मण शर्मा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत पं.दीनदयाल उपाध्याय के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अमरेंद्र प्रताप सिंह, (पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री बिहार सरकार ) उपस्थित रहे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक सफर के उतार चढ़ाव तथा उनके दर्शन पर गहनता से प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय (25 दिसंबर 1916 -11 फरवरी 1968) एक भारतीय राजनीतिक, समग्र मानववाद विचारधारा के समर्थक और भारतीय जनसंघ (भाजपा) के नेता थे। उनका जीवन दर्शन “एकात्म मानववाद” पर आधारित है। उन्होंने पूंजीवाद एवं साम्यवाद से इतर भारतीय संस्कृति, अंतोदय और स्वदेशी के माध्यम से समग्र मानव विकास और राष्ट्र निर्माण पर बल दिया। उनका मानना था कि “एकात्म मानववाद” मानव को केवल भौतिकवादी इकाई नहीं बल्कि शरीर, मन ,बुद्धि और आत्मा का योग मानती है।
यह समाज में संघर्ष के बजाय समन्वय एवं सहयोग को प्राथमिकता देती है। उनका मानना था कि भारत की पहचान “भारतीयता” और “संस्कृति” से है। वे राष्ट्र को एक परिवार और निवासियों को उसके सदस्य के रूप में देखे थे। उनके दर्शन में धर्म राज्य का अर्थ धर्म या मजहब आधारित शासन नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों, न्याय एवं नियमों द्वारा शासित राज्य है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन आज भी समावेशी विकास और सांस्कृतिक पहचान के लिए एक प्रगतिशील और मौलिक वैचारिक ढांचा प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंत में समापन भाषण कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मिठाई सिंह ने दिया। मौके पर शिवजी खेमका, मनोज पांडेय, चुन्नू सिंह, रमेश गुप्ता अनिल पांडेय, निर्भय राय, अरविंद पासवान, संध्या पांडेय, अमरेंद्र पांडेय, हीरामन पासवान, प्रिया राय, रामाश्रय राम, दिलीप चंद्रवंशी, सुनील सिंह, सुखदेव राय, आशा नन्द सिंह, उमाशंकर राय मौजूद थे।





