विश्वामित्र सेना के संयोजक राजकुमार चौबे समेत दस पर नगर थाने में एफआइआर
खबर लिखने पर पत्रकार को हत्या की धमकी देने का गंभीर आरोप, विज्ञापन भुगतान को घूस बताने और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी का मामला


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. बक्सर टॉप न्यूज़ के संचालक और पत्रकार चन्द्रकान्त “निराला” को खबर लिखने के बाद कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में नगर थाना बक्सर में विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे समेत कुल 10 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिकी के अनुसार, चन्द्रकान्त निराला बीते एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वह बक्सर टॉप न्यूज़ नामक न्यूज पोर्टल का संचालन कर रहे हैं और कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं। पिछले लगभग एक वर्ष से वह विश्वामित्र सेना नामक संगठन की गतिविधियों से जुड़ी खबरें प्रकाशित कर रहे थे. इस दौरान संगठन के विज्ञापन भी उनके पोर्टल पर प्रकाशित होते रहे, जिसका विधिवत भुगतान किया जाता रहा। हाल ही में विश्वामित्र सेना से जुड़े रहे मुनमुन चौबे और राहुल पांडेय ने पत्रकार को बताया कि संगठन के विभिन्न आयोजनों में लिए गए टेंट, बाजा और वाहन चालकों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। दोनों का आरोप था कि ये व्यवस्था संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे के निर्देश पर कराई गई थीं, लेकिन अब भुगतान करने में टालमटोल की जा रही है। दोनों ने अनुरोध किया कि इस विषय को सार्वजनिक किया जाए।
खबर प्रकाशित करने से पहले पत्रकार ने निष्पक्षता बरतते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। इसके लिए उनके मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका. इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और आरोपों को यथावत रखते हुए खबर प्रकाशित कर दी गई। खबर सामने आने के बाद कथित तौर पर माहौल बदल गया। आरोप है कि 28 जनवरी की शाम एक अजीत यादव नामक व्यक्ति ने फोन कर खुद को विश्वामित्र सेना से जुड़ा बताया और अभद्र भाषा में बात करते हुए धमकाने लगा। इसके कुछ समय बाद मॉडल थाना चौक पर संगठन के पदाधिकारी अशोक उपाध्याय और रवि राज पांच से छह अज्ञात लोगों के साथ पत्रकार से मिले और उन्हें रोका।
आरोप है कि मौके पर मोबाइल फोन के जरिए राजकुमार चौबे से बात कराई गई, जहां उन्होंने कथित तौर पर कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे खिलाफ खबर लिखने की। साथ ही पत्रकारिता खत्म करने और हत्या तक की धमकी दी गई। इसके बाद अशोक उपाध्याय ने भी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी, जबकि रवि राज ने पूर्व में दिए गए विज्ञापन भुगतान को घूस बताकर पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही. इस दौरान गाली-गलौज भी की गई. स्थिति बिगड़ती देख पत्रकार किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे।
घटना के बाद मानसिक रूप से भयभीत पत्रकार ने पूरी रात सोच-विचार के बाद नगर थाना बक्सर में लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। आवेदन में उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका भी जताई है।इस पूरे मामले पर नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आवेदन के आधार पर राजकुमार चौबे समेत 10 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





