बैंक खाते से चुपके-चुपके लाखों रूपये उड़ाने वाला साइबर अपराधी को बक्सर पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर में AEPS (Aadhaar Enabled Payment System) के जरिए बैंक खातों से अवैध निकासी करने वाले साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में तीन आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें से एक को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि दो अन्य से पूछताछ जारी है।
23 जून 2025 को चकरहसी निवासी अजीत कुमार सिंह ने साइबर थाना बक्सर में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई कि 07 मार्च 2025 से 01 मई 2025 के बीच उनके बैंक खाते से 20 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल ₹1,07,000 की निकासी कर ली गई। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि यह निकासी AEPS के माध्यम से की गई है। आवेदन के आधार पर साइबर थाना कांड संख्या 31/25 दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक बक्सर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर सोनवर्षा निवासी अमन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसकी निशानदेही पर दो अन्य आरोपी—पंकज सिंह (बुढ़ना, औद्योगिक थाना) और मिंटू कुमार ( चकरहसी, मुफ्फसिल थाना) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि अमन कुमार ने UCL लिंक के जरिए आधार आईडी अपडेट करने के नाम पर अवैध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया था, जिसके माध्यम से ग्राहकों के फिंगरप्रिंट को अवैध रूप से सुरक्षित कर लिया जाता था। बाद में इन्हीं फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर AEPS के जरिए बैंक खातों से पैसे निकाले जाते थे। बक्सर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। बिना अधिकृत अनुमति के किसी भी साइबर कैफे द्वारा आधार से संबंधित कार्य (नामांकन/संशोधन/अपडेट) करना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।





