डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में बवाल, एम्बुलेंस नहीं मिलने से आक्रोशित युवकों ने की तोड़फोड़
डॉक्टर-कर्मी जान बचाकर भागे


न्यूज विज़न। बक्सर
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में शुक्रवार अपराह्न उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एंबुलेंस समय पर नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों की संख्या में पहुंचे आक्रोशित युवकों ने अस्पताल परिसर में जमकर उत्पात मचाया। उपद्रवियों ने अस्पताल के मुख्य गेट, इमरजेंसी कॉरिडोर में लगे शीशे, दो स्ट्रेचर समेत कई चिकित्सीय उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि अस्पताल उपाधीक्षक समेत डॉक्टरों और कर्मियों को जान बचाकर अस्पताल छोड़कर अनुमंडल कार्यालय में शरण लेनी पड़ी।
घटना शुक्रवार करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच की है। उस समय अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. श्रुति प्रकाश अपने चैंबर में मौजूद थीं, जबकि इमरजेंसी में ड्यूटी पर डॉ. लोकेश कुमार तैनात थे। तोड़फोड़ के बाद आक्रोशित युवक उपाधीक्षक कक्ष की ओर भी बढ़ने लगे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डॉक्टरों और कर्मियों ने अस्पताल परिसर छोड़ दिया।
सड़क हादसे में घायल युवक बने बवाल की वजह
जानकारी के अनुसार, कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के चौकियां गांव के समीप एनएच-922 पर एक ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार बड़का ढकाईच गांव निवासी करण दूबे (पिता निर्मल दूबे), भोला दूबे (पिता स्व. सत्येन्द्र दूबे) और एक अन्य युवक घायल हो गए। करण और भोला की हालत गंभीर थी, जबकि तीसरा युवक आंशिक रूप से जख्मी था।
घटना की सूचना पर कृष्णाब्रह्म थाना की डायल 112 टीम तीनों घायलों को डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंची। इमरजेंसी में तैनात डॉ. लोकेश कुमार ने घायलों का तत्काल प्राथमिक उपचार किया और करण व भोला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
एम्बुलेंस को लेकर भड़का आक्रोश
रेफर किए जाने के बाद घायल युवकों के परिजन और साथ आए दर्जनों युवक एंबुलेंस की मांग करने लगे। इसी दौरान दर्जनों बाइक से पहुंचे युवकों ने एंबुलेंस नहीं मिलने पर हंगामा शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। उपद्रवियों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और डॉक्टरों व कर्मियों को निशाना बनाने की कोशिश की।
कर्मियों के अनुसार, अधिकांश युवक नशे की हालत में थे और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। पुलिस की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। कुछ ही देर बाद एंबुलेंस भी आ गई, जिस पर घायल मरीजों को लादकर सभी उपद्रवी वहां से फरार हो गए।
डॉक्टरों ने उठाई सुरक्षा की मांग
घटना के बाद अस्पताल परिसर में देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉ. लोकेश कुमार ने कहा कि ऐसे हालात में मरीजों का इलाज करना संभव नहीं है। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की।
एफआईआर की तैयारी, नुकसान का आकलन जारी
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. श्रुति प्रकाश ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल युवकों का तत्काल इलाज किया गया था और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जा रही थी। इसी बीच आक्रोशित युवकों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकतर युवक नशे में थे और उनका व्यवहार अमानवीय था।
डॉ. श्रुति प्रकाश ने कहा कि अस्पताल में हुई तोड़फोड़ को लेकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल क्षति का आकलन किया जा रहा है।





