अम्बेडकर पार्क की बदहाली पर भड़का आक्रोश, प्रशासन पर ‘अस्तित्व मिटाने’ का आरोप


न्यूज़ विज़न। बक्सर
अनुमंडल कार्यालय बक्सर के प्रांगण में स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर पार्क की बदहाली की सूचना मिलने के बाद सोमवार को प्रातः 8:00 बजे अनुसूचित जाति–जनजाति कर्मचारी संघ, जिला इकाई बक्सर एवं भारतीय पिछड़ा शोषित संगठन, जिला इकाई बक्सर के पदेन पदाधिकारियों तथा अन्य कर्मियों ने संयुक्त रूप से पार्क का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पार्क की जर्जर स्थिति को देखकर संगठन के सदस्यों में गहरा रोष देखने को मिला। मौजूद लोगों का कहना था कि पार्क की वर्तमान हालत यह संकेत देती है कि अनुमंडल प्रशासन इस ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्व के स्थल के अस्तित्व को समाप्त करने के उद्देश्य से जानबूझकर उपेक्षा कर रहा है। संगठनों ने आरोप लगाया कि यदि ऐसा नहीं होता तो वरीय पदाधिकारियों के मुख्य गेट के ठीक सामने स्थित अम्बेडकर पार्क और वहां लगे सूचना बोर्ड पर प्रशासन की नजर अवश्य पड़ती। स्थल का अवलोकन करने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पार्क की उपेक्षा इस हद तक बढ़ चुकी है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो कुछ अधिकारियों को ‘अम्बेडकर पार्क’ के नाम से ही एलर्जी हो। पार्क में लगे बिजली के उपकरण खराब पड़े हैं, साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण के अभाव में यह स्थल बदहाली का शिकार हो चुका है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि पार्क में लगे सभी खराब बिजली उपकरणों को तत्काल हटवाकर उनकी मरम्मत कराई जाए तथा शीघ्र सौंदर्यीकरण कार्य प्रारंभ किया जाए। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि प्रशासन शीघ्र इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता है तो निकट भविष्य में संगठन को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस निरीक्षण एवं विरोध में प्रमुख रूप से रामजी प्रसाद केसरी, डॉ. आणिमानंद, चंद्रदेव सिंह, अमित कुमार, जनार्दन राम, बद्रीनाथ प्रसाद, राम बच्चन राम, श्रीनिवास राम, राम बच्चन बौद्ध, देवेंद्र राम, जुनेद आलम, बृजेश कुमार पाल, डॉ. मनु सिंह मौर्य, जनार्दन सिंह, रमाशंकर सिंह कुशवाहा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।





