सावित्रीबाई फुले–फातिमा शेख की जयंती व भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस धूमधाम से संपन्न
महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक न्याय के संदेश के साथ महिलाओं ने संभाली कार्यक्रम की पूरी कमान


न्यूज़ विज़न। बक्सर
रविवार को बीपीएसएस बक्सर एवं एससी-एसटी कर्मचारी संघ बक्सर के तत्वावधान में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले एवं फातिमा शेख की जयंती सह भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस का आयोजन कलेक्टर के समीप आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय के प्रांगण में भव्य रूप से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शारदा बौद्ध ने की। मुख्य अतिथि नगर परिषद अध्यक्ष कमरुन निशा तथा विशिष्ट अतिथि वार्ड संख्या 21 की पार्षद अंजू सिंह उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि कमरुन निशा ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन और हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, इसमें सावित्रीबाई फुले का ऐतिहासिक योगदान है। विशिष्ट अतिथि अंजू सिंह ने सावित्रीबाई फुले को नारी सशक्तिकरण का आदर्श बताते हुए कहा कि महिलाएं समाज को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। अध्यक्ष शारदा बौद्ध ने गीत-संगीत के माध्यम से सावित्रीबाई फुले के विचारों और संघर्षों को जन-जन तक पहुंचाया। वरीय अधिवक्ता गणपत मंडल ने सावित्रीबाई के संघर्षमय जीवन और समाज सुधार में उनके योगदान को रेखांकित किया।
अवकाश प्राप्त अंचलाधिकारी रामजी प्रसाद केसरी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने सती प्रथा, बाल विवाह और विधवा उत्पीड़न जैसी कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। अधिवक्ता जनार्दन सिंह ने कहा कि यह गौरव की बात है कि आज का पूरा कार्यक्रम महिलाओं द्वारा संचालित किया गया और बक्सर जिले के कई सर्वोच्च पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं। कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष ने कहा कि समाज सदैव सावित्रीबाई फुले का ऋणी रहेगा, जिनके कारण आज बालिकाएं शिक्षा पाकर ऊंचे मुकाम तक पहुंच रही हैं।

कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट आनंद रंजन ने किया। मौके पर महेंद्र राम, अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, सुशीला देवी, अनीता यादव, बद्री प्रसाद, राम बच्चन बौद्ध, रमाकांत राम, डॉ. अभिमन्यु कुशवाहा, विनय शंकर यादव, बृजेश पाल, बृजेश्वर सिंह, छात्र नेता रमाशंकर सिंह कुशवाहा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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