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विश्व ध्यान दिवस से पहले इंजीनियरिंग कॉलेज में वर्षा पांडेय के मार्गदर्शन में शांति का अभ्यास

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
इंजीनियरिंग कॉलेज महदह में शुक्रवार को ध्यान एवं मानसिक संतुलन को समर्पित एक विशेष Meditation Session का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आगामी World Meditation Day (21 दिसंबर) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग की फैकल्टी एवं लाइफ कोच वर्षा पांडेय द्वारा किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान वर्षा पांडेय ने ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की तेज़ रफ्तार और प्रतिस्पर्धा से भरी जीवनशैली में मन सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। ध्यान व्यक्ति को भीतर से स्थिर, संतुलित और सशक्त बनाता है। जब मन शांत होता है, तब सोच स्पष्ट होती है और निर्णय सही दिशा में जाते हैं। विद्यार्थियों के लिए ध्यान एकाग्रता, आत्मविश्वास और स्मरण शक्ति बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है, वहीं शिक्षकों एवं प्रोफेशनल्स के लिए यह तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन की कुंजी है। श्रीमती पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 21 दिसंबर को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक एवं वैश्विक आध्यात्मिक गुरु पूज्य श्री श्री रविशंकर जी द्वारा संयुक्त राष्ट्र (UN) में विशेष ध्यान सत्र कराया जाएगा, जिसका लाइव टेलीकास्ट रात्रि 8:30 बजे से होगा। इस वैश्विक ध्यान सत्र में विश्व के लगभग 180 देशों के लोग एक साथ लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से जुड़कर सामूहिक ध्यान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विश्व शांति, करुणा और मानवता की एकता का सशक्त संदेश देगा।

 

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राम नरेश राय के कुशल नेतृत्व में इस ध्यान सत्र का आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान सभी फैकल्टी सदस्यों ने गहन ध्यान का अनुभव किया और इसके सकारात्मक लाभों को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया। इस कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के वॉलंटियर श्री हेमदास चौधरी सहयोगी के रूप में उपस्थित रहे। ध्यान सत्र में कॉलेज के अनेक फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की, जिनमें प्रमुख रूप से प्रो. (डॉ.) राम नरेश राय (प्राचार्य), सुश्री सुरभि रानी (कोऑर्डिनेटर), डॉ. एस. एल. वर्मा, डॉ. अंजनी वर्मा, डॉ. उत्कर्ष राज, डॉ. चंद्रशेखर, डॉ. रीना कुमारी, डॉ. प्रेमलता, डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. रामदयाल कुशवाहा, श्री अमित कुमार, सुश्री अन्नपूर्णा वर्मा, सुश्री श्रुति वर्मा एवं श्री गौतम कुमार शामिल रहे।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने इस प्रकार के आयोजनों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक शांति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

 

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