वार्ड पार्षदों ने एनजीओ के कार्यशैली पर उठाएं कई सवाल
श्मशान घाट पर जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य करने पर की चर्चा


न्यूज विजन। बक्सर
नगर परिषद कार्यालय के सभागार में चार एजेंडों को लेकर बोर्ड की सामान्य बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता नप की सभापति कमरून निशा ने की। बैठक प्रारंभ होने पूर्व अधिकारी व पार्षदों ने सदर के नवनिर्वाचित विधायक आनंद मिश्र और सांसद प्रतिनिधि सूर्य प्रताप सिंह उर्फ ददन सिंह को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मौके पर स्थाई सशक्त समिति के सदस्य इंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नगर की सफाई व्यवस्था और नप के अंतर्गत एनजीआे पर विचार-विमर्श, गोला घाट और सती घाट तक के बीच नौकायान और घूमने-टहलने की व्यवस्था, श्मशान घाट पर जनसुविधा पर चर्चा बैठक के मुख्य एजेंडा है।
सदन में मौजूद पार्षदों ने एनजीओ के कार्यशैली पर सवालों की झड़ी लगा दी। वहीं स्थाई सशक्त समिति के सदस्य श्री सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वच्छता पदाधिकारी अपने फायदे के लिए एनजीओ पर दबाव बनाते हैं। पांडेयपट्टी के वार्ड संख्या दस के पार्षद राहुल यादव ने कहा कि पांडेयपट्टी में हमेशा कचरा का डंप लगा रहता है। वहीं पार्षद दीपक सिंह ने कहा कि सफाई निरीक्षक पर क्यों नहीं कार्रवाई की जाती है। बैठक में भी नहीं आता है। वार्ड पार्षद को सफाई के लिए संसाधन तक मुहैया नहीं कराया जाता है। सफाई के सभी संसाधन मौजूद रहने के बावजूद शहर बजबजा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचकोसी मेला जैसे समय में एक पानी का टैंकर की मांग की गई, लेकिन उसे दरकिनार कर दिया। सफाई निरीक्षक शीघ्र पद से हटाया जाय।
पार्षद चक्रवर्ती चौधरी ने कहा कि पहले 84 लाख रुपये में सफाई के लिए दूसरे एनजीओ का अनुबंध किया गया था, वहीं इस बार 1.16 करोड़ में एनजीओ का अनुबंध किया गया, लेकिन सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुई। लाखांे रुपये खर्च कर शहर में लगाए गये वाटर एटीएम खराब हो गये हैं, जिसकी कोई जवाबदेही नहीं ले रहा। पार्षद रंजीत कुमार श्रीवास्तव ने कहा अपने वार्ड में योजना में अनदेखी करने का आरोप लगाया। सबका सुनने के बाद ईओ मनीष कुमार ने बोर्ड की सहमति और प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने की बात कही। पार्षद जगदीश कुमार, हिटलर सिंह समेत अन्य पार्षदों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। मौके पर स्थाई सशक्त समिति के सदस्य अंजू सिंह, राजीव कुमार राय उर्फ झब्बू राय, मनोज कुमार, दिलीप कुमार समेत अन्य पार्षद मौजूद थे।
सदर के नवनिर्वाचित विधायक आनंद मिश्र ने कहा सब कुछ सुने। पूरे बैठक का निष्कर्ष नहीं समझ में आया। जो लिखा नहीं वह दिखा नहीं। कोई भी डिमांड या शिकायत लिखित होनी चाहिए। काम जमीन पर दिखना चाहिए कागज पर नहीं। एनजीओ ऐसा क्यों कर रहा है। किसी की क्यों नहीं सुनता। उसे तो जेल जाना चाहिए था। प्लान होना चाहिए। आने वाले पचास साल बाद बक्सर कैसा दिखना चाहिए। हम भी अपने तरफ से प्रयास करेंगे और विकास कार्यों में सहयोग करेंगे।





