बक्सर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हालात चिंताजनक, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा पानी




न्यूज़ विज़न। बक्सर
गंगा नदी का रौद्र रूप एक बार फिर जिलेवासियों के लिए चिंता का कारण बन गया है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की संध्या 6 बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इस समय गंगा का जलस्तर 60.40 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से आठ सेंटीमीटर ऊपर है।









विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है और औसतन हर दो घंटे में एक सेंटीमीटर की गति से जलस्तर ऊपर जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले 24 घंटों में नदी का जलस्तर और अधिक खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर जिले के बक्सर, चौसा, सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर प्रखंडों के तटीय इलाकों में साफ दिख रहा है। गंगा का पानी तेजी से निचले हिस्सों में फैलने लगा है। कई गांवों में खेतों और रास्तों में पानी भरने की स्थिति बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में हैं।





गंगा के कछार क्षेत्र में की गई सब्जी की खेती सबसे अधिक प्रभावित हुई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगी सब्जियों की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं। किसान हाथों के सामने फसल बर्बाद होते देख हताश हैं। उनका कहना है कि खेती पर हुए इस नुकसान से परिवार की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। गंगा का जलस्तर बढ़ने से उसकी सहायक नदियों पर भी दबाव बढ़ने लगा है। जिले से होकर गुजरने वाली ठोरा नदी में इन दिनों पानी का स्तर खतरनाक ढंग से ऊपर उठ रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि गंगा में जलवृद्धि इसी गति से होती रही तो ठोरा नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
पहले भी बढ़ा था जलस्तर
गौरतलब है कि इस वर्ष पूर्व में गंगा का जलस्तर अधिकतम 60.89 मीटर तक पहुंच चुका था। तब जलस्तर स्थिर होने के बाद धीरे-धीरे घटने लगा था और लोगों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अब दोबारा पानी बढ़ने से दियारा और तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोग फिर से दहशत में आ गए हैं। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रखंडों में निगरानी रखी जा रही है और हालात पर लगातार नजर है। यदि जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे।

