पीएम किसान योजना के नाम पर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी झारखंड से गिरफ्तार, 4.90 लाख की राशि बरामद




न्यूज़ विज़न। बक्सर
साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पीएम किसान योजना के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में झारखंड के देवघर से दो आरोपितों मनोेज दास और सुभाष दास को गिरफ्तार किया है। इनके पास से ठगी की गई करीब 4 लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।









साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष अविनाश कश्यप ने बताया कि 26 जुलाई 2025 को डीआईयू में तैनात पुलिस सब इंस्पेक्टर युसूफ अंसारी के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध एपीके फाइल भेजी गई थी। फाइल को खोलने के लिए जैसे ही उन्होंने दिए गए लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल नेटवर्क (सिम) अचानक बंद हो गया। सिम चालू कराने के लिए जब वह टेलीकॉम कंपनी के पास पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि उनका आधार कार्ड भी ब्लॉक कर दिया गया है। आधार पुनः चालू कराने के बाद जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की, तो पाया कि खाते से 5 लाख 48 हजार 887 रुपये की बड़ी रकम गायब है।





इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सब इंस्पेक्टर ने तत्काल साइबर थाना में एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप नंबर को ट्रेस कर पुलिस टीम झारखंड के देवघर पहुंची और मनोज दास व सुभाष दास को धर-दबोचा। पुलिस ने आरोपितों के पास से ठगी की रकम में से 4 लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पीएम किसान योजना का नाम लेकर लोगों को जाल में फंसाया और एपीके फाइल के जरिए उनके बैंक खाते खाली किए।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष अविनाश कश्यप के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रामरतन पंडित, शुभम राम, श्रीकांत, डीआईयू के चंदन कुमार सहित पुलिस बल के अन्य जवान शामिल थे। टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से मामले का सफल खुलासा हो सका। साइबर डीएसपी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, मैसेज या ऐप को डाउनलोड न करें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य केवल आधिकारिक पोर्टल और ऐप के माध्यम से ही करें।

