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मच्छरों से बचाव के लिए नगर परिषद नहीं करा रही नियमित फागिंग

ठंड के मौसम में मच्छरों की संख्या में हुई है बेतहाशा वृद्धि, फागिंग नहीं होने से शहरवासियों में आक्रोश

न्यूज विजन। बक्सर

ठंड के मौसम में मच्छरों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। बावजूद शहर के वार्डों में नियमित फागिंग नहीं कराई जा रही है। चौबीस घंटे कान में मच्छर भनभनाते रहते हैं। लोगों को खुले में बैठना मुश्किल हो गया है। रात में जहां मच्छरदानी लगाए बिना सो नहीं पा रहे वहीं दिन में भी क्वॉयल जलाना पड़ रहा है। स्थानीय संतोष पांडेय, सुनील कुमार सिन्हा, विरेंद्र सिंह, नंद किशोर चौधरी आदि ने कहा कि शहरी क्षेत्र में नियमित फॉगिंग कराया जाय तो मच्छरों और मच्छरजनित बीमारियों से लोगों की जान बच जाएगी। उन्होंने बताया कि मच्छरों के चलते घर से लेकर दुकान तक लोगों का एक पल चैन से बैठना मुश्किल हो गया है।

 

 

 

 

मच्छररोधी क्वायल के साथ मच्छरदानी लगाकर लोग बचाव कर ले रहे हैं, लेकिन झुग्गी झोपड़ी व स्लम एरिया के साथ फुटपाथी गरीबों के पास कोई चारा नहीं है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण बीमार पड़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। जगह-जगह पर कूड़ा कचरा को ढेर लगा रहता है। मुख्य मार्गों को छोड़ दें तो मुहल्लों की गलियों, सड़कों और खाली प्लाट में जलजमाव की स्थिति है। लोग दिन में भी मच्छरदानी लगाने और क्वॉयल जलाने को विवश हो गये हैं। मच्छरों से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद की ओर से कोई खास इंतजाम नहीं किया जाता है। नियमित रूप से वार्डों के एक-एक गली में फॉगिंग कराया जाय तो मच्छर के हमले से हद तक बचाव हो सकता है। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन और प्रतिनिधियों से नियमित फागिंग कराने को लेकर पहले करने की मांग की, ताकि लोगों को मच्छरों के आतंक से निजात मिल सके।

 

 

 

मच्छर काटने से पांच तरह की बीमारियों का खतरा मच्छर के काटने कई तरह के रोगों का खतरा बढ़ जाता है। डॉ संजय सिन्हा ने बताया कि मच्छरों के काटने से कई गंभीर बीमारी की चपेट में लोग आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि मच्छरों से बचाव के उपाय नहीं किए गये तो डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और गैस्ट्रोएन्टराइटिस जैसे गंभीर बीमारियां फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जलजमाव और गंदगी के चलते मच्छर पनपते हैं। उन्होंने सलाह दिया कि कोशिश करें की अपने घर के आस पास या मुहल्लों में जलजमाव और गंदगी नहीं हो।

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