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बर्बाद हो रहा विरासत: ढह रहा बक्सर‎ व राजपुर का ऐतिहासिक किला

9 साल पहले सीएम नीतीश कुमार ने बक्सर और राजपुर के किले को संरक्षित कर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी

न्यूज विजन। बक्सर

बक्सर जिला ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासतों के मामले में समृद्ध है। यहां पग-पग पर धरोहरों की भरमार है। इन्हीं विरासतों में बक्सर और राजपुर का ऐतिहासिक किला शुमार है। आज ऐतिहासिक किला ढह रहा है। बक्सर के किले की तो अपनी कोई पहचान तक नहीं रह गई है। यहां आने वाले लोगों को इसके बारे में नहीं बताया जाय तो वे इसे अतिथि गृह ही समझेंगे। यहां ऐसी कोई भी सूचना नहीं है, जो किले को दर्शाती हो। मुख्य द्वार पर जिला अतिथि गृह का बोर्ड लगा है। गंगा के तट पर अति प्राचीन इस किले के अंदर या बाहर किसी भी तरह का कोई अभिलेख भी नहीं है। ठीक उसी तरह राजपुर के ऐतिहासिक किला भी अपनी पहचान खो रहा है। इन दोनों किला को ना तो संरक्षित करने का कोई प्रयास किया गया और ना ही इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की। यही हाल रहा तो बक्सर और राजपुर का ऐतिहासिक किला का वजूद किताब के पन्नों में सिमट कर रह जाएगा।

 

 

जिस किले से बक्सर की पहचान जुड़ी है। आज वही किला अपना गौरवमय इतिहास खो चुका है। इतिहासकारों के मतानुसार इस किले का निर्माण परमार वंश के राजा रुद्रदेव ने सन् 1111 ई. में कराया था। इस किले के उत्तर तरफ का हिस्सा कटाव के कारण गंगा में समा रहा है, वहीं दक्षिण तरफ का हिस्सा ढह गया है। किला का मैदान में सरकारी कार्यक्रम होते रहता है। 15 अगस्त और 26 जनवरी का मुख्य समारोह प्रशासन यहीं आयोजित करता है। बड़े-बड़े नेता भी इस किला में जन सभा करते हैं। बावजूद इसके जीर्णोद्धार और किले के रूप में विकसित करने का काम ना तो शासन कर रहा है और ना ही प्रशासन। जनप्रतिनिधि भी इस विशालकाय ऐतिहासिक किला से मुंह फेर लिए हैं।

 

 

जिले के राजपुर प्रखंड का ऐतिहासिक किला खंडहर बन गया है। इसकी बनावट को देख यह पता चलता है कि दो मंजिला किला था। इतिहासकारों का मत है इस किले का निर्माण 1524-26 के बीच चेरो वंश के राजा ने कराया था। आज जिसका अवशेष मात्र विद्यमान है। इस किले में आज भी अनछुए पहलु दफन है। बताया जाता है कि 1539 में शेरशाह के सैनिकों ने जीत का जश्न इस किले में बनाया था। शासन और प्रशासन की अनदेखी से किले के आस-पास कथित लोगों का कब्जा भी है।

 

 

नौ साल पहले सूबे के सीएम नीतीश कुमार ने बक्सर और राजपुर के किले को संरक्षित कर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। बता दें कि 30 जनवरी 2017 को सात निश्चय योजना के तहत राजपुर में आयोजित जन सभा में सीएम नीतीश कुमार ने बक्सर और राजपुर के किले को संरक्षित करने और पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। जारी निर्देश के आलोक में राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक अतुल वर्मा ने इन किलों का निरीक्षण किया। लगभग नौ साल गुजर जाने के बाद भी इन किलों को संरक्षित करने का मामला खटाई में पड़ता है।

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