डॉ रामकेवल ने कहा -आम के मंजर को बचाने के लिए करें थिअमेथोक्साम का छिड़काव
आम के पेड़ पर मोजर और फूल आने पर कीटों के प्रकोप की बढ़ जाती है आशंका


न्यूज विजन। बक्सर
आम के पेड़ पर मंजर (मोजर) और फूल का आना अच्छी पैदावार का संकेत है। आम के पेड़ मंजर से लदने लगे हैं। फूल भी आना शुरू हो गया है। मंजर से लदे पेड़ को देख किसान खुश हैं। इस बार बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद है। ऐसे में किसानों को अभी से मंजर और फूल को बचाने की तैयारी में जुट जाना चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ रामकेवल ने कहा कि आम के बाग पर निरंतर नजर रखना होगा। क्योंकि, मंजर और फूल निकलने के समय आम के पेड़ पर कीट और रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। इस विषय को लेकर किसानों को गंभीर हो जाने की आवश्यकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ रामकेवल ने बताया कि इस समय आम के पौधों में मंजर आ चूका है तथा फूल आने शुरू हो चुके हैं। इस अवस्था में मंजर की कोमल टहनियों एवं फूलों पर रस चुसक कीट का प्रकोप हो जाता है, इससे मंजर कमजोर हो जाती है। फूल झड़ने लगते हैं। मौसम में उतार-चढ़ाव होने पर फफूंद का प्रकोप भी बढ़ जाता है। फूल आने पर झुलसा का प्रकोप दिखाई देने लगता है।
ऐसे में रोग और कीट का प्रकोप को नजरअंदाज करना बागवानों को महंगा पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन नहीं करने पर 70 से 80 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। आम के के मंजर एवं फूल को बचाने के लिए निम्नलिखित उपाय करना चाहिए।
केविके के विशेषज्ञ डॉ रामकेवल ने बताया कि मंजर और फूल को बचाने के लिए थिअमेथोक्साम 25 WSG नामक रसायन की 5 ग्राम मात्र को 15 लिटर पानी में मिलाकर छिडकाव करना चाहिए या इमोदाक्लोप्रिड 17.8 SL नामक रसायन की 4 मिली मात्रा 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। फूलों पर झुलसा का प्रकोप दिखाई देने पर हेक्सकोनाज़ोल नामक रसायन की 2.5 ग्राम मात्रा प्रति लिटर पानी में मिलाकर छिडकाव करना चाहिए। आम के पेड़ में फूल आते समय सिंचाई नहीं करें। जब आम के फल मटर के दाने बराबर हो जाये तो सिंचाई करनी चाहिए। उन्होंने हल्की प्लानोफिक्स दवा का छिड़काव करें।





