CRIME

छात्रा से दुष्कर्म के विरोध में उबाल, आरा–मोहनिया मुख्य मार्ग पांच घंटे जाम

फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की मांग, एसपी के आश्वासन के बाद खुला जाम, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
जिले के सोनवर्षा थाना क्षेत्र में छात्रा के साथ हुई दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना के विरोध में रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरा–मोहनिया मुख्य मार्ग को महुअरी गांव के पास सुबह करीब 10 बजे जाम कर दिया। सड़क जाम के दौरान प्रदर्शनकारी आरोपित को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द फांसी देने और मौके पर पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी करते रहे।

 

लगभग पांच घंटे तक चले इस सड़क जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे यात्रियों, एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यक सेवाओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम का नेतृत्व पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा एवं राष्ट्रीय जनता दल के नेता अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान कर रहे थे। नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि छात्राओं के साथ इस तरह की घटनाएं समाज को शर्मसार करने वाली हैं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों को कठोर सजा नहीं दी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

 

सूचना मिलते ही सोनवर्षा थाना सहित आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने भी आक्रोशित लोगों से बातचीत कर जाम हटाने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति उस समय नियंत्रण में आई जब मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। एसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटा लिया।

बताया जाता है कि शनिवार को सोनवर्षा थाना क्षेत्र के एक गांव की छात्रा अपने चचेरे भाई के साथ ट्यूशन पढ़ने कडसर जा रही थी। इसी दौरान दगौली पुल के पास आरोपी ने छात्रा को जबरन अगवा कर नहर किनारे बनी झोपड़ी में ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी को कठोर से कठोर सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की जघन्य घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज में कानून का भय बना रहे।

 

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