चौसा थर्मल पावर प्रोजेक्ट में मजदूरों का प्रदर्शन, हजारों श्रमिकों ने मुख्य गेट पर किया हंगामा
11 सूत्री मांगों को लेकर तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल, मजदूर नेताओं के समझाने पर शांत हुआ माहौल


न्यूज विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के चौसा में निर्माणाधीन 1320 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल पावर प्रोजेक्ट में शुक्रवार को मजदूरों की हड़ताल का असर एक बार फिर देखने को मिला। बड़ी संख्या में मजदूर अचानक प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करने लगे। मजदूरों के प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए निर्माण कार्य भी प्रभावित हो गया और माहौल तनावपूर्ण बन गया।
बताया जाता है कि मजदूर पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को हजारों की संख्या में मजदूर प्लांट के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। अचानक हुए इस प्रदर्शन से प्रोजेक्ट परिसर में हलचल मच गई। कुछ देर के लिए वहां तनाव की स्थिति भी बन गई।
स्थिति को देखते हुए मौके पर सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस की टीम तैनात कर दी गई। सुरक्षा बलों ने मजदूरों को समझाने का प्रयास किया ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। इसी दौरान कुछ मजदूरों ने प्लांट के अंदर काम करने जा रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को रोकने की भी कोशिश की, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।
हालांकि बाद में मजदूर नेता रामप्रवेश यादव और पप्पू पांडेय मौके पर पहुंचे और मजदूरों को शांत कराया। नेताओं के समझाने के बाद सभी मजदूर वापस अपनी-अपनी लेबर कॉलोनियों में लौट गए, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
मजदूर नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मजदूरों का कहना है कि 20 फरवरी को कंपनी प्रबंधन को 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मजदूरों की प्रमुख मांगों में बोर्ड रेट के अनुसार मजदूरी देने, आठ घंटे की ड्यूटी लागू करने, ओवरटाइम का भुगतान करने, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने, समय पर वेतन भुगतान करने तथा पीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं लागू करने की मांग शामिल है।
फिलहाल मजदूरों की हड़ताल जारी है और यदि प्रबंधन की ओर से जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होने की संभावना जताई जा रही है।





